लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने बीते दिनों हुई बैठक में अफसरों को संदेश दिया था कि सुरक्षा व कानून व्यवस्था सरकार की पहली प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगी। कई घटनाओं में अनधिकृत ई-रिक्शा व ऑटो (E-Rickshaws-Auto) की संलिप्तता पाई गई है। अभियान चलाकर इस पर हर हाल में अंकुश लगाया जाए। इस आदेश के बाद परिवहन आयुक्त ने समस्त पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान को पत्र लिखा था। यह अभियान पूरे प्रदेश में मंगलवार से शुरू होगा।
नाबालिगों के हाथों में नहीं दिखेगी स्टेयरिंग
सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंतित मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा था कि किसी भी गाड़ी की स्टेयरिंग नाबालिगों के हाथों में न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाय। टेंपो, ई-रिक्शा चालकों (E-Rickshaws-Auto Drivers) का वेरीफिकेशन कराया जाए। जनपदों में गठित टास्क फोर्स में परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया जाए। इन सभी निर्देशों के पालन और उचित क्रियान्वयन के लिए यह विशेष अभियान मंगलवार से प्रारंभ किया जा रहा है।
मुख्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त
परिवहन विभाग द्वारा अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यालय में अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन संजय सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे प्रतिदिन मुख्यालय से जनपदों की मॉनिटरिंग करेंगे। इस अभियान में मुख्यालय के साथ जनपद स्तर के अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है।
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मुख्यमंत्री जी (CM Yogi) ने प्रदेश की कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाये रखने के लिए विगत दिनों बैठक ली थी। इसमें उन्होंने अनधिकृत रिक्शा व ऑटो के विरुद्ध अभियान चलाने का निर्देश दिया था। यह अभियान पहली अप्रैल (मंगलवार) से प्रारंभ होकर 30 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यालय स्तर से इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जनपदों में भी संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) को अभियान की सफलता को लेकर निर्देश दिया गया है। हर शुक्रवार को शासन को इसकी रिपोर्ट भी प्रेषित की जाएगी।
ब्रजेश नारायण सिंह,
परिवहन आयुक्त, उप्र