लखनऊ में संचालित फर्जी विद्यालयों के खिलाफ़ 19 जुलाई से चलेगा अभियान

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लखनऊ  राजधानी में संचालित करीब 2,000 फर्जी विद्यालयों व अमान्य कक्षाओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश  माध्यमिक शिक्षक संघ जिला संगठन के नेतृत्व में अभियान शुरू करेगा। संघर्ष के पहले चरण में 19 जुलाई को जिला संगठन के पदाधिकारी एवं सक्रिय कार्यकर्ता अपरान्ह एक बजे से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।

फर्जी विद्यालयों को लेकर 20 जुलाई को जिलाधिकारी लखनऊ को प्रेषित करेंगे ज्ञापन

इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन प्रेषित कर कार्रवाई की मांग करेंगे। 20 जुलाई को जिलाधिकारी, लखनऊ को ज्ञापन प्रेषित करेंगे। इसके बाद भी यदि जिला विद्यालय निरीक्षक व जिलाधिकारी के आदेशानुसार जांच टीमें गठित कर तत्काल प्रभावी कार्रवाई नही की जाती है। तो आगामी 28 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर पूर्व निर्धारित जनपद स्तरीय  धरना-प्रदर्शन कर अमान्य विद्यालयों व उनके छात्रों का पंजीकरण और बोर्ड परीक्षा फार्म भरवाने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर प्रभावी कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा।

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जिला संगठन के हेल्प लाइन नम्बर 9450501766 पर दें अमान्य विद्यालयों  की सूचना

बैठक में निर्णय लिया गया कि इन अमान्य विद्यालयों के छात्रों का पंजीकरण व बोर्ड परीक्षा फार्म भरवाने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विरुद्ध जांच व प्रभावी कार्रवाई और अमान्य विद्यालयों के छात्रों का कम छात्र संख्या वाले राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में समायोजन किया जाए। लखनऊ में फर्जी विद्यालयों व अमान्य कक्षाओं के का संचालन करने वाले के सूचना देने के लिए जिला संगठन का हेल्प लाइन नम्बर 9450501766 जारी किया है।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बीते 23 जून को दिए थे आदेश, इसके बाद डीआईओएस ने नहीं की कार्रवाई

संघ के प्रदेशीय मंत्री एवं जिला संरक्षक डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी, कौशल राज शर्मा ने बीते 23 जून को दिए गए आदेशों के बावजूद जनपद लखनऊ में अमान्य व बिना मान्यता विद्यालयों कार्रवाई का निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक को दिया था। इसके बावजूद इन फर्जी विद्यालयों के छात्रों का कक्षा 9 व 11 में पंजीकरण और कक्षा 10 वं 12 के छात्रों का बोर्ड परीक्षा फार्म भरवाने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विरुद्ध जिला विद्यालय निरीक्षक ने अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर  जिला संगठन की बैठक में गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।

अभिभावक, उप-मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से कर रहे हैं सीधे शिकायत

यह मांग मंगलवार को संघ के प्रदेशीय मंत्री एवं जिला संरक्षक डॉ. आरपी मिश्र ने जिला संगठन के कार्यालय- उदयाचल, वालाकदर रोड, में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और जिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जनपद के फर्जी अमान्य विद्यालयों व अमान्य कक्षाओं का संचालन करने वाले विद्यालयों तथा फर्जी व अमान्य विद्यालयों के छात्रों का पंजीकरण व बोर्ड परीक्षाफार्म भरवाने वाले  मान्यताप्राप्त किसी भी किसी भी विद्यालय के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की जा रही हैं। अभिभावक, उप-मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से सीधे शिकायत कर रहे हैं। गोमतीनगर निवासी गुड़िया सिंह ने विजयन्त खण्ड,गोमतीनगर में संचालित अमान्य विद्यालय आर्थव एकेडमी के विरुद्ध शिकायत उप-मुख्यमंत्री से तथा इन्द्रानगर में संचालित अमान्य विद्यालय की शिकायत होली श्राइन स्कूल के प्रबन्धक ने जिलाधिकारी से की है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता नियमावली के अध्याय 7 के विनियम 11(क) के प्रावधानों के अन्तर्गत वसूली व विधिक कार्रवाई की जाएगी

इसी के साथ जिलाधिकारी ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि दो जुलाई को जनपद में अमान्य विद्यालय,अमान्य कक्षाएं,अमान्य विषय का संचालन पाए जाने की स्थिति में सम्बन्धित संस्था के विरुद्ध शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की सुसंगत धाराओं तथा माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता नियमावली के अध्याय 7 के विनियम 11(क) के प्राविधानों के अन्तर्गत वसूली व विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त सम्बन्धित अमान्य विद्यालय के प्रबन्धन के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज करा कर भवन को सीज कराया जाएगा।

बेसिक शिक्षाधिकारी ने बिना मान्यता  विद्यालयों  पर की कार्रवाई

शिक्षक नेताओं ने बताया कि जिलाधिकारी के अमान्य विद्यालयों से सम्बन्धित उक्त आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षाधिकारी व उनके खण्ड शिक्षाधिकारियों की टीम को लगभग 103 से अधिक बिना मान्यता बेसिक विद्यालय संचालित पाए गए जिन पर कार्रवाई की गई,किन्तु आश्चर्य है कि हमारे जिला विद्यालय निरीक्षक एवं उनके प्रधानाचार्यों की टीमो को आधा से अधिक जुलाई माह बीत जाने पर भी लखनऊ में लगभग 2000 (दो हजार) से अधिक संचालित अमान्य विद्यालयों व कक्षाओं का संचालन करने वाले किसी विद्यालय पर कार्रवाई किए जाने का मौका नही मिला।

वर्ष 2012 में 229 अमान्य विद्यालयों  विरुद्ध पुलिस में दर्ज हुई थी एफआईआर

बतातें चलें कि वर्ष 2012 में जिला संगठन द्वारा 351 अमान्य विद्यालयों की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक को सौप कर संघर्ष किया गया था परिणाम स्वरूप तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश कुमार त्रिपाठी द्वारा 11 जांच टीमें गठित कर जांच कराई गई और 229 अमान्य विद्यालयों व कक्षाओं का संचालन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज हुई थी।

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