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क्या वाकई सर्दियों में कोरोना कर सकता है वापसी, जानें क्या है सच्चाई

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। भारत में भी कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लोगों के मन में रोज नए-नए सवाल उठ रहे हैं। यहां हम विश्व स्वास्थ्य संगठन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही कोरोना से जुड़ी जानकारियों को आप तक पहुंचाएंगे।

बांग्लादेश के एक वरिष्ठ डॉक्टर के नेतृत्व वाली डॉक्टरों की टीम ने दावा किया है कि दो दवाओं के कॉम्बिनेशन के इस्तेमाल से उन्हें हैरान करने वाले नतीजे मिले हैं। परजीवियों को खत्म करने वाली एंटीप्रोटोजोल ड्रग आइवरमेक्टिन और एंटीबायोटिक ड्रग डॉक्सीसाइक्लिन का प्रयोग उन्होंने सांस की समस्या से गंभीर रूप से पीड़ित 60 मरीजों पर किया और ये 60 मरीज चार दिनों में ठीक हो गए। बांग्लादेशी डॉक्टरों की टीम इस कॉम्बिनेशन को लेकर सौ फीसदी आशान्वित है। इस कॉम्बिनेशन का प्रयोग सार्स महामारी के दौरान भी किया गया था।

कोरिया के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की ओर से 285 लोगों पर एक अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन में यह बात देखने को मिली है कि जो लोग दोबारा टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए, उनसे संक्रमण दूसरों में नहीं फैल रहा है। ऐसे लोगों के संपर्क में आने वाले करीब 790 लोगों में से कोई भी संक्रमित नहीं पाया गया। यानी वे नेगेटिव थे। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां तक है, दोबारा संक्रमित पाए गए लोग फिर से संक्रमित नहीं हुए हैं, बल्कि उनमें मृत वायरस पार्टिकल्स हैं, इसी कारण नमूनों की जांच में प्रयोगशाला में उनमें वृद्धि देखने को नहीं मिली है।

यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल की निदेशक डॉ. एंड्रिया एम्मन के अनुसार, यूरोपीय देशों को कोविड-19 की दूसरी वापसी के लिए तैयार रहना चाहिए। उनके अनुसार, केवल 15 प्रतिशत लोगों में इसकी इम्यूनिटी विकसित हुई है और वह भी कुछ सीमा तक ही। कोविड-19 की वैक्सीन नहीं होने की स्थिति में इसके दूसरी बार आने की आशंका बहुत अधिक है। माना जा रहा है कि वहां ऐसा सर्दियों में होगा, जब फ्लू का सीजन भी होता है।

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