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CBSE का री-इवैल्यूएशन पोर्टल क्रैश, ‘लॉग इन फेल्ड’ के एरर से छात्र परेशान

CBSE

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) पोर्टल मंगलवार सुबह एक बार फिर तकनीकी दिक्कतों के कारण ठप हो गया। बोर्ड ने मंगलवार तड़के चार बजकर बयालीस मिनट पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से पोर्टल के दोबारा शुरू होने की आधिकारिक घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद जैसे ही बड़ी संख्या में छात्रों ने आवेदन करने के लिए वेबसाइट का रुख किया, वैसे ही पोर्टल पर भारी ट्रैफिक और तकनीकी खामियों के कारण सर्वर डाउन हो गया। छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि क्रेडेंशियल्स और सही कैप्चा दर्ज करने के बाद भी स्क्रीन पर बार-बार ‘लॉगिन फेल्ड’ या ‘वेरिफिकेशन फेल्ड’ का मैसेज आ रहा है, जिसके कारण वे अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के लिए फॉर्म सबमिट नहीं कर पा रहे हैं।

वेबसाइट क्रैश और मूल्यांकन से जुड़ी गंभीर शिकायतें:

सोमवार को भी यह पोर्टल तकनीकी कारणों से पूरी तरह काम नहीं कर रहा था, जिसे दुरुस्त करने का दावा बोर्ड ने मंगलवार सुबह किया था। हालांकि, पोर्टल लाइव होने के बाद भी छात्रों की परेशानियां कम नहीं हुईं; कई छात्रों ने शिकायत की है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सिस्टम उन्हें बार-बार वापस मुख्य लॉगिन पेज पर भेज देता है, जिससे पूरी मेहनत बेकार हो रही है। लॉगिन की समस्या के अलावा छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

कई परीक्षार्थियों का दावा है कि उनकी आंसर शीट्स में कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को जांचा ही नहीं गया है या सही उत्तर होने के बावजूद अंक नहीं दिए गए हैं। छात्रों का यह भी कहना है कि इस तरह की विशिष्ट गड़बड़ियों के लिए पोर्टल पर पुनर्मूल्यांकन का कोई स्पष्ट विकल्प मौजूद नहीं है, जिससे वे असमंजस में हैं कि कौन सा विकल्प चुनें।

सीबीएसई ने दी डायरेक्ट मैसेज (DM) करने की सलाह:

सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों के बढ़ते आक्रोश और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सीबीएसई ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बोर्ड के अधिकारियों ने उम्मीदवारों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि जिन छात्रों को लॉगिन करने, वेरिफिकेशन करने या आवेदन जमा करने में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, वे बोर्ड के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जाकर सीधे डायरेक्ट मैसेज (DM) के जरिए अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।

दूसरी तरफ, छात्रों और अभिभावकों ने बोर्ड से मांग की है कि वह केवल सोशल मीडिया पर जवाब देने के बजाय इस तकनीकी समस्या का कोई स्थायी और त्वरित समाधान निकाले, ताकि समय सीमा के भीतर सभी छात्र बिना किसी मानसिक तनाव के अपना आवेदन पूरा कर सकें और किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।

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