केकेसी में मनेगा शताब्दी समारोह, स्पोर्ट्स व कल्चरल ईवेंट होगा आयोजित

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लखनऊ। राजधानी का जय नारायण पीजी कॉलेज (केकेसी) 100 साल का हो गया है। इसी के साथ ही अब वह लखनऊ के उन गिने चुने संस्थानों में शुमार हो गया है जो सौ साल पुराने है। जय नारायण पीजी कॉलेज की इस उपलब्धि पर कॉलेज में 17 से 22 फरवरी तक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इसकी शुरुआत शनिवार से होने जा रही है। इसमें स्पोर्ट्स से लेकर कल्चरल ईवेंट आयोजित किये जा रहे हैं।

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17 से 22 फरवरी तक मनेगा शताब्दी समारोह

इसकी जानकारी शुक्रवार को कॉलेज में आयोजित प्रेस वार्ता में कॉलेज के प्रेसिडेंट वीएन मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि 17 से 19 फरवरी तक कॉलेज में हॉकी और खो-खो टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 20 फरवरी को कवि सम्मेलन होगा, 21 फरवरी को अल्मनाई मीट और कल्चरल ईवनिंग होगी। जबकि अंतिम दिन 22 फरवरी को संस्थापक दिवस समारोह होगा। इस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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पूर्व छात्रों को  किया जाएगा सम्मानित

इस मौके पर केकेसी के ख्याति प्राप्त पूर्व छात्रों को सम्मानित भी किया जाएगा। प्रिंसिपल प्रो. एसडी शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर 19 को मेधावी छात्रों को सम्मानित भी किया जाएगा। इसमें इंटर और डिग्री के 950 छात्रों को पुरस्कृत किया जाएगा। मेधावी समारोह के मुख्य अतिथि मौलाना कल्बे सादिक होंगे। जिन्होंने बीए, बीकॉम और बीएससी के 119 छात्रों को अपनी ओर से एक-एक हजार का कैश प्राइज देने के बात कही है।

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जाने कैसा रहा है कॉलेज का सफर

साल 1917 केकेसी की शुरुआत एक स्कूल के तौर पर हुई थी। 1923 में इसे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मान्यता मिल गई। साल 1936 साइंस और कॉमर्स से इंटर शुरू हुआ। 1946 में डिग्री कॉलेज की शुरुआत हुई बीएससी की कक्षाएं शुरू हुईं। 1954 में यहां बीए और बीकॉम भी शुरू किया गया। 1974 में बीएड और लॉ भी शु्रू कर दिया गया और 1994 यहां पीजी की कक्षाओं की शुरुआत हो गई। 2015 में कॉलेज को नैक से ए ग्रेड का दर्जा मिल गया। शुरुआत में यह को-एड कॉलेज था लेकिन 1974 में इसे बॉयज कॉलेज कर दिया गया। 2006 में इसे दोबारा को-एड बना दिया गया। वर्तमान समय में पीजी कॉलेज में 10,000 विद्यार्थी हैं जिसमें 44 प्रतिशत छात्राएं पढ़ रहीं है।

भविष्य में बनाना है डीम्ड विवि

प्रिंसिपल ने बताया कि अब हमने कॉलेज को डीम्ड विश्वविद्यालय बनाने का लक्ष्य रखा है। पहले हम कॉलेज को सेंटर फॉर एक्सिलेंस का दर्जा दिलाएंगे। साथ ही यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बदलाव किया जा रहा है। 34 कमरों एक नया कॉमर्स ब्लॉक बनाया जाएगा। साथ ही 400 की क्षमता वाला एक नया ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा।

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