Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

राम मंदिर पर चंपत राय की चिट्ठी, नृपेंद्र मिश्र को लेकर बड़ा दावा

Champat Rai

Champat Rai

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने गुरुवार को नौ पन्नों की एक चिट्ठी जारी की। इसमें उन्होंने राम मंदिर निर्माण से जुड़े 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। चिट्ठी में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की भूमिका को लेकर भी कई अहम दावे किए गए हैं।

चंपत राय ने कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में नृपेंद्र मिश्र की भूमिका प्रमुख रही। उन्होंने निर्माण से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों के बीच विशेषज्ञों की मदद से कई अहम निर्णय लिए।

मंदिर निर्माण में मिश्र की अहम भूमिका

चंपत राय के अनुसार, राम मंदिर निर्माण के लिए L&T के चयन में नृपेंद्र मिश्र के सुझाव महत्वपूर्ण रहे। इसके अलावा मंदिर परिसर के भवनों के डिजाइन से जुड़े कार्य के लिए नोएडा की फर्म डिजाइन एसोसिएट के प्रमुख जय काकतीकर का चयन भी उन्हीं के स्तर पर किए जाने का दावा किया गया।

राय ने कहा कि कोरोना काल में जून 2020 से शुरू हुआ मंदिर निर्माण जून 2026 तक पूरा होकर समाज को समर्पित हो गया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में नृपेंद्र मिश्र के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की।

अड़चन आई तो विशेषज्ञों को बुलाया

चंपत राय ने अपनी चिट्ठी में दावा किया कि निर्माण के दौरान जब भी कोई बड़ी तकनीकी समस्या सामने आई, नृपेंद्र मिश्र ने संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को अयोध्या बुलाकर उनकी सलाह ली। उनके परामर्श से कई बाधाओं को दूर किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश विशेषज्ञों ने सेवाभाव से अपना योगदान दिया और ट्रस्ट से किसी तरह का पारिश्रमिक नहीं लिया।

रामकथा संग्रहालय पर भी बड़ा अपडेट

चिट्ठी में अयोध्या के रामकथा संग्रहालय का भी जिक्र किया गया है। चंपत राय के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय उत्तर प्रदेश सरकार की संपत्ति है। नृपेंद्र मिश्र के प्रयासों से उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के बीच समझौता हुआ और भवन को 30 साल की लीज पर ट्रस्ट को दिया गया।

संग्रहालय के जीर्णोद्धार का काम उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सौंपा गया है, जबकि EIL को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

2027 तक खुलेगा संग्रहालय?

चंपत राय के अनुसार, संग्रहालय में करीब 20 गैलरी विकसित करने की योजना है। इसके लिए सेवानिवृत्त राष्ट्रीय संग्रहालय अधिकारी संजीब सिंह को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ विशेष कार्य IIT मद्रास को सौंपे गए हैं।

राय ने उम्मीद जताई कि संग्रहालय से जुड़े सभी काम तय योजना के मुताबिक आगे बढ़े तो दिसंबर 2027 तक इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

Exit mobile version