भारतीय शिक्षा में हो रहे परिवर्तन ने हमारे जीवन मूल्यों को किया कमजोर

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लखनऊ। संगठन विस्तार और कार्यकर्ता विकास के लिए कार्यक्रम किया जाता है। विश्वव्यापी वैश्वीकरण कदमों से भारतीय शिक्षा प्रणाली में पर गहरा असर पड़ा है। उच्च शिक्षा क्षेत्र में युवाओं का नामांकन बढ़ा है, किट हमारे कदम डिग्रीधारी  बनने की ओर है। भारतीय शिक्षा में हो रहे परिवर्तन हमारे जीवन मूल्यों को कमजोर कर रहा है।

जीवन मूल्यों छोड़कर भौतिक मूल्य की ओर बढ़ते हुए डिग्री धारक बना रहे हैं : महेंद्र कुमार

यह बातें एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के सभागार में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय कार्यकर्ता वर्ग योजना बैठक में मुख्य वक्ता पहले सत्र का शुभारम्भ करते हुए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के उच्च शिक्षा संवर्ग के राष्ट्रिय प्रभारी महेंद्र कुमार ने कहा। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था जीवन मूल्यों पर आधारित होना है। इसीलिए 18 वें शताब्दी तक मूल्य आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू करने की इच्छा लोग भारत से लेते थे। अब हम जीवन मूल्यों को छोड़कर भौतिक मूल्यों की ओर बढ़ते हुए शिक्षा के क्षेत्र में डिग्री पर डिग्री धारक बना रहे हैं। जिसका प्रभाव है कि हम में  अपने बल और आत्मविश्वास की कमी हो रही। उच्च शिक्षा प्रभारी ने संगठन की चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी संगठन का एक ध्येय होता है। उस ध्येय को पाने के लिए कार्यकर्ता शक्ति ताकत होती है। कार्यपद्धती के अनुसार हमारी दैनन्दिनी जीवन चर्या बने।

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किसी भी देश के विकास में केंद्र बिंदु है शिक्षक

अभ्यास वर्ग की पृष्ठभूमि की चर्चा करने के लिए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री ओमपाल सिंह ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं की सक्रियता व्यवहार और आचरण होते हैं। अन्य शैक्षिक संगठनों से यह संगठन अधिकार से कर्तव्य को छोड़कर कर्तव्य से अधिकार के पथ पर चलता है। किसी भी देश के विकास में शिक्षक केंद्र बिंदु है और वही राष्ट्र व समाज को उर्जा व दिशा देता है। पहले दिन के सत्र समापन आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल कुमार सिंह ने कहा इस संगठन के कार्यकर्ता अपनी पूरी ऊर्जा के साथ ध्येय पर लगे हुए हैं। हमारी जो विचारधारा है वहदिन पर दिन बढ़ा रही हैं । स्वागत करते हुए एस आर जी आई के चेयरमैन पवन सिंह चौहान ने कहा किया कार्यक्रम शैक्षिक उन्नयन की नई दिशा तय करेगा और विद्वान शिक्षकों की सेवा करके मैं भीअपने को धन्य मान रहा हूं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरनाम सिंह ने किया। सत्यापनकर्ता अभ्यास वर्ग में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की अतिरिक्त महा मंत्री निर्मला यादव, प्रदेश महा मंत्री डॉ. ऋषि देव त्रिपाठी, सीनूपा अध्यक्ष देवी सिंह नरवार, कोषा अध्यक्ष सुरेश पति त्रिपाठी, उपाध्यक्ष डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. मुनीश अग्रवाल, डॉ. लवकुश मिश्रा, कृष्ण त्रिवेदी, भगवती सिंह, अजीत सिंह, संतोष कुमार सिंह, प्रोफेसर राम लखन सिंह, शिव शंकर सिंह, डॉ उमेश चंद्र बाजपेई, मनीष दीक्षित, प्रो. पुष्पेन्द्र मिश्रा, डॉ अनीता त्यागी, डॉ.विकास रॉय, कार्यालय सचिव डॉ.संदीप बालियान, मीडिया प्रभारी राज देव तिवारी, सह मीडिया प्रभारी दिनेश त्रिवेदी सहित राज्य से पधारे शिक्षक पदाधिकारी और कार्यकर्ता वस्तु उपस्थित रहती है।

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