• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

विजया एकादशी के दिन करें इन मंत्रों का जाप, श्री हरि होते हैं प्रसन्न

Writer D by Writer D
23/02/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
Saphala Ekadashi

Devuthani Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष को आने वाली एकादशी विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) के नाम से जानी जाती है। यह दिन जगत के पालहार श्रीहरि विष्णुजी की पूजा-आराधना के लिए समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि विजया एकादशी का व्रत रखने से साधक को हर कार्य में विजयी मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्रभु श्रीराम ने भी रावण को युद्ध में पराजित करने के लिए विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) का व्रत रखा था। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल 24 फरवरी 2025 को विजया एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा के साथ उनकी कृपा पाने के लिए कुछ विशेष मंत्रों का जाप भी किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से श्री हरि प्रसन्न होते हैं और सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद भी देते हैं।

कब है विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) ?

द्रिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 23 फरवरी 2025 को दोपहर 01 बजकर 55 मिनट पर होगी और अगले दिन 24 फरवरी 2025 को दोपहर 01 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, 24 फरवरी 2025 को विजया एकादशी मनाई जाएगी।

पारण टाइमिंग : 24 फरवरी 2025 को विजया एकादशी का व्रत रखने वाले जातक 25 फरवरी 2025 को द्वादशी तिथि में सुबह 06 बजकर 50 मिनट से लेकर सुबह 09 बजकर 08 मिनट तक व्रत का पारण कर सकते हैं।

विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) : विष्णुजी के सरल मंत्र

1.ऊँ विष्णवे नमः

2.श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे।

हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।

3. ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय

4.ऊँ नमो नारायणाय

5.ऊँ नारायणाय विद्महे।

वासुदेवाय धीमहि।।

Tags: Vijaya ekadashi
Previous Post

महाकुम्भ में संतों संग पवित्र स्नान के लिए पश्चिम बंगाल से निकले 2000 श्रद्धालु

Next Post

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के छात्र ने वीएलएसआई कोर्स में प्राप्त किया देश में प्रथम स्थान

Writer D

Writer D

Related Posts

रामबाण है मेथी
फैशन/शैली

बालों की समस्या में रामबाण है रसोई में मौजूद ये चीज

24/05/2026
Itching
फैशन/शैली

गर्मियों में खुजली की समस्या से है परेशान, इनसे पाए राहत

24/05/2026
Makeup
फैशन/शैली

गर्मियों में होती हैं मेकअप मेल्ट होने की समस्या, लें इन टिप्स की मदद

24/05/2026
besan
Main Slider

गर्मियों में भी फेस में निखार लाएगा ये आटा`

24/05/2026
Shani Jayanti
Main Slider

कुंडली में शनि के कमजोर होने पर जीवन में होती हैं ऐसी भयंकर घटनाएं, करें उपाय

24/05/2026
Next Post

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के छात्र ने वीएलएसआई कोर्स में प्राप्त किया देश में प्रथम स्थान

यह भी पढ़ें

Dead Bodies

3 साल की लापता मासूम का नदी में मिला शव

10/02/2022
Water ATM

महाकुम्भ में वाटर एटीएम से बटन दबाते ही मिल रहा फ्री आरओ पानी, श्रद्धालुओं ने जताया आभार

30/01/2025
Road Accident

40 फीट गहरी खाई में गिरी कार, आठ तीर्थयात्रियों की मौत

24/12/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version