छत्तीसगढ़ : अजीत जोगी के फैसले से मायावती की बढ़ी चिंता, नहीं लड़ेंगे चुनाव

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन रमन सिंह को हारने के लिए हुआ है। लेकिन अजीत जोगी के एक फैसले ने मायावती के चिंता बढ़ा दी है। बता दें कि जोगी इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से अलग हो कर जोगी ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नाम से अपनी अलग पार्टी बनाई थी। वे पूरी तरह चुनावी तैयारियों में जुटे थे और जमकर जन सभाएं भी कर रहे थे। लेकिन शुक्रवार को अचानक खबर आई की जोगी ने चुनाव नहीं लड़ने का मन बना लिया है। अजीत जोगी के बेटे अमित ने इस बारे में बयान देते हुए कहा कि अजीत इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।

अजीत जोगी ने लालजी वर्मा के कहने पर लिया यह फैसला

गठबंधन के हिसाब से राज्य में प्रथम चरण के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है। पहले चरण में बस्तर और राजनांदगांव की कुल 18 सीटों के लिए 12 नवंबर को मतदान होंगे। गुस्र्वार को जोगी की पार्टी ने 7 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी, जबकि सहयोगी दल बसपा ने भी कुछ देर बाद 6 चेहरे मैदान में उतारे। बताया जा रहा है कि सहयोगी दल बसपा के उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के कहने पर जोगी ने ऐसा फैसला लिया है। लालजी वर्मा ने शुक्रवार को अजीत जोगी से अपील की कि वो स्वयं चुनाव न लड़ें। वजह स्पष्ट करते हुए लालजी वर्मा ने कहा कि ऐसा करने से आपका ध्यान एक जगह फोकस होकर रह जाएगा।

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बता दें कि इससे पहले अजीत सिंह ने घोषणा की थी कि वे राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ राजनांदगांव से चुनाव लड़ेंगे। जोगी ने कहा था कि इसके लिए वे दो महीने से इस विधानसभा क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं। अब अमित जोगी द्वारा की गई घोषणा के बाद यह तय नहीं हुआ है कि राजनांदगांव से अब किस उम्मीदवार को उतारा जाएगा।

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