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चीन भारत में आतंक फैलाने के लिए चली ये चाल, जानें ड्रैगन का खतरनाक प्लान

नई दिल्ली। चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस की वजह से दुनिया में तबाही का मंजर नजर आ रहा है। ऐसे में भारत के लिए चीन अब और मुश्किलें खड़ी करता जा रहा है। पहले कोरोना वायरस फिर लद्दाख सीमा विवाद को लेकर परेशानियों को बढ़ाता ही जा रहा है।

संकट में इन हालातों में चीन नई चाल भारत के लिए रच रहा है। चीन भारत के उन सारे पड़ोसियों को उकसाने की कोशिश में लगा हुआ है, जिनसे भारत के अच्छे संबंध रहे हैं। देश को नए संकट की तरफ ले जाते हुए चीन म्यांमार के आतंकी समूह अराकान आर्मी की आर्थिक मदद कर रहा है। चीन का उद्देश्य है कि टेरर ग्रुप की मदद से वो म्यांमार के साथ भारत के आतंक फैलाने की फिराक में है।

म्यांमार में आतंक मचाने के पीछे का कारण

इसी सिलसिले रूस के सरकारी चैनल Zvezda में एक इंटरव्यू के दौरान म्यांमार के सेना प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि उनके देश में जो आतंकी समूह हैं, उनके साथ मजबूत ताकतें काम कर रही हैं।

आगे उन्होंने कहा कि इस ताकत का मतलब चीन से जोड़ा जा रहा है। जनरल ने आतंक के खात्मे के लिए इंटरनेशनल मदद भी मांगी। सेना प्रमुख मुख्य तौर पर देश में अराकान आर्मी (एए) का जिक्र कर रहे थे।

अराकान आर्मी की मदद से सरकार पर दबाव

धोखेबाज चीन के म्यांमार में आतंक मचाने के पीछे का कारण ये है कि वो देश में अपने कई प्रोजेक्ट्स की मंजूरी चाहता है। पर ऐसा मुमकिन होता नहीं दिख रहा इसलिए वो अराकान आर्मी की मदद से सरकार पर दबाव बनाने की फिराक में लगा हुआ है।

वहीं दूसरी तरफ भारत से दुश्मनी भी चीन के इस काम के पीछे काम कर रही है। दोनों देश भारत-म्यांमार संबंध राजनैतिक और व्यापारिक दृष्टि से मजबूत रहे हैं। दोनों एक साथ 1640 किलोमीटर लंबी सीमा साझेदारी करते हैं।

बता दें, ये आतंकी संगठन म्यांमार के चीन से लगे हुए हिस्से राखिन स्टेट में काम कर रहा है। ये आतंकी समूह अप्रैल 2009 में बना। जिसे सबसे बड़ा सशस्त्र आतंकी समूह माना जाता है। इसे खुद देश की एंटी-टेररिज्म कमेटी ने देश की सुरक्षा के लिए खतरा भी बताया जाता है।

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