सीमैप की ‘एरोमा मिशन योजना’ किसानों को बना रही है आर्थिक रुप से सशक्त

एरोमा मिशन योजना

लखनऊ। केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा अनुसंधान संस्थान (सीमैप) में गुरुवार को एरोमा मिशन योजना के तहत किसानों केे जीवन में आये बदलाव को साझा करने के लिए सीमैप की ओर से किसानों और वैज्ञानिकों ने एरोमा मिशन योजना से पूर्व और एरोमा मिशन योजना को अपनाने के बाद आए बदलावों को मीडिया से साझा किए। इस दौरान देशभर से आये किसानों ने यही कहा कि इस योजना के जरिए उनके जीवन में तो बदलाव आया ही है। साथ ही समाज में बदलाव लाने में काफी मुफीद साबित हो रही है।

इस अवसर पर सीमैप के एरोमा मिशन के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कालरा ने बताया कि 68 करोड़ के बजट वाली इस योजना के माध्यम से वह देशभर के गरीब और असहाय किसानों की आर्थिक दशा सुधारने के लक्ष्य को लेकर चल रहे है।

एरोमा मिशन योजना को लेकर किसानों रखी अपनी राय

इस मौके पर ऊंटी से आये किसान राघव ने कहा कि उन्होंने पर परागत चाय की खेती को छोडक़र जेरेनियम की खेती शुरु की। वह एक हेक्टेयर में 60 किलोग्राम तेल का उत्पादन कर रहे है। उनका लक्ष्य पांच सौ हेक्टेयर भूमि पर इसकी खेती का है। गुजरात के कच्छ से आये रिषभ ने कहा कि उनका कच्छ अब पामारोजा की खेती का हब बनने जा रहा है। बस थोड़ा इंतजार करिये। पामारोजा की खास बात यह है कि इसका वेस्ट पार्ट भी गाय व भैस खाते है। इसे कच्छ के युवा और जैन समुदाय के लोग हाथोहाथ ले रहे है।

2013 में कच्छ में उन्होंने इसकी खेती पहली बार शुरु की थी। इसी तरह उन्नतशील महिला किसान अल्का, मराठावाड़ा से रुपाली, विदर्भ से प्रो. विनय, बुंदेलखंड से मायादीन, उड़ीसा से गौतम मोहंती,कैप्टन सीपी सिंह,बस्तर सेमोहन,दुधवा से राम प्रकाश ,शिवकुमारी,बिहार से धर्मेन्द्र,रत्नेशके अलावा यूपी के कई जनपदो से आये किसानो अपने-अपने विचारों को साझा किए।

इस अवसर पर सीमैप के निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी ने कहा कि निश्चित रुप से एरोमा मिशन योजना किसानों को आर्थिक रुप से सुदृढ़ करने के साथ देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने में कारगर साबित होगी। इस दौरान संस्थान की ओर से एक प्राकृतिक सुगन्धित पोंछा द्रव फ्लोर जर्म क्लीनर लांच किया किया गया।

इसे सीमैप के वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिक विधि से तैयार किया है। यह प्राकृतिक फ्लोर क्लीनर लेमनफ्रेश खुशबु देने के साथ ही साथ वातावरण को स्व्स्थ्य व कीटाणु रहित बनाने में सहायक है। इसकी तकनीक का हस्तांतरण सक्षम शक्ति ग्रुप के संतश्री भोगेन्द्र को किया गया। इसके अतिरिक्त सिम शिशिर नामक तुलसी की एक नई उन्नत प्रजाति को भी लांच किया। यह प्रजाति किसानों व इन्डस्ट्री के लिए अत्यन्त ही फायदेमंद साबित होगी। कार्यक्रम में डॉ. मनोज सेमवाल,डॉ. संजय कुमार ,डॉ. आर के शर्मा सहित कई वैज्ञानिक मौजूद रहे।

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