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अखिलेश यादव से CJP प्रवक्ता की बंद कमरे में मुलाकात, बैठक ने बढ़ाया सियासी सस्पेंस

CJP spokesperson Ashutosh Ranka meets Akhilesh Yadav.

CJP spokesperson Ashutosh Ranka meets Akhilesh Yadav.

लखनऊ: CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने गुरुवार शाम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से मुलाकात की। यह बैठक सपा मुख्यालय के पास स्थित जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट के कार्यालय में हुई। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत चली।

बैठक खत्म होने के बाद आशुतोष रांका वहां से निकल गए, लेकिन उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। समाजवादी पार्टी की ओर से भी मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

हालांकि, सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बातचीत में युवाओं, बेरोजगारी और स्कूलों में शिक्षा की स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई हो सकती है। बैठक में वास्तव में किन विषयों पर विस्तार से बात हुई, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में छात्रों के मुद्दों के साथ Gen Z और Gen Alpha से जुड़ी चिंताओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। शिक्षा से जुड़े सवालों को आगे किस तरह उठाया जाए, इस पर भी बातचीत की बात कही जा रही है।

अखिलेश यादव और CJP के बीच इससे पहले भी छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर संवाद और समर्थन दिखाई देता रहा है। पिछले महीने राजस्थान में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान आशुतोष रांका पर कथित हमले का मुद्दा अखिलेश यादव ने सार्वजनिक तौर पर उठाया था।

वहीं दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद सपा सांसद डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव समेत कई सपा नेता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। अखिलेश यादव भी कई मौकों पर CJP के छात्र आंदोलनों का समर्थन करते रहे हैं।

ऐसे में युवा, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों की सक्रियता के बीच हुई यह मुलाकात राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, सपा और CJP के बीच किसी गठबंधन या राजनीतिक समझौते का अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।

चुनाव से कुछ महीने पहले हुई इस डेढ़ घंटे की मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है। अब देखना होगा कि यह संवाद केवल मुद्दों तक सीमित रहता है या आने वाले दिनों में इसके कोई बड़े राजनीतिक संकेत भी सामने आते हैं।

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