चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल (CM Manohar Lal) द्वारा कोरोना के दौरान दो साल पहले आरंभ की गई मेरा पानी मेरी विरासत योजना के परिणाम जमीनी स्तर पर आने आरंभ हो गए हैं। मुख्यमंत्री (CM Manohar Lal) ने मंगलवार को पंचकूला से 7500 सूक्ष्म सिंचाई प्रदर्शनी योजनाओं का लोकार्पण किया।
सूक्ष्म सिंचाई और नहरी विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सूक्ष्म सिंचाई के पांच मोबाइल वैनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और इसके साथ ही सभी जिलों से दो-दो वाहनों को आज रवानगी भी की ताकि आम जनता को जल संरक्षण व जल सर्वंद्धन का संदेश दिया जा सके। मुख्यमंत्री (CM Manohar Lal) ने कहा कि जल ही जीवन है और हमें भावी पीढ़ी के लिये जल बचाकर रखना होगा। तीसरा विश्वयुद्ध शायद जलयुद्ध ही होगा। इसलिये हमें पानी के हर बूंद का उपयोग करना होगा।
उन्होंने कहा कि आज तकनीक के युग में सिंचाई विधि में नये नये उपयोग शुरू हो गये। सूक्ष्म सिंचाई में टपका, फव्वारा ऐसी व्यवस्था है, जिससे हम अधिक से अधिक पानी को बचा सकते है और साथ ही अच्छी पैदावार ले सकते हैं। पानी के दो पक्ष हैं एक पीने का पानी और दूसरा सिंचाई के लिये पानी। पीने के पानी की तो हम बचत नहीं कर सकते।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले वर्ष में 98 हजार एकड़ में धान के स्थान पर अन्य फसले उगाई गई और इस बार 2 लाख एकड़ का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 200 जल शोधन संयंत्र संचालित हैं और 50 प्रतिशत से अधिक शोधित पानी का दुबारा प्रयोग सिंचाई व अन्य कार्यों में कर रहे हैं।
सिंचाई एवं जल साधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप विभाग जल संरक्षण की योजनाओं पर कार्य कर रहा हैं। प्रदेश के 142 ब्लॉक में से 85 ब्लॉक डार्क जोन में चले गए है, जहां पर पानी 100 मीटर से भी नीचे चला गया है। प्रदेश के 35 लाख हेक्टेयर में से 11.12 प्रतिशत में ही सूक्ष्य सिंचाई होती है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाना होगा।