हरियाणा सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘हरियाणा सुपर 100 संस्थान’ ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कुरुक्षेत्र के बारना में स्थित इस संस्थान के 91 मेधावी विद्यार्थियों ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक JEE Advanced को पास कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Saini) और कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने उत्तीर्ण छात्रों, उनके परिवारों और संस्थान के शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
यह सफलता इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि पिछले दिनों यह कैंपस कुछ विवादों के घेरे में आ गया था। कुछ छात्रों द्वारा प्रबंधन पर खराब व्यवस्था और प्रताड़ना के आरोप लगाने के बाद तीन छात्र दीवार फांदकर भाग गए थे, जिससे घबराकर कई माता-पिता अपने बच्चों को वापस लेने पहुंच गए थे। हालांकि, इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और मानसिक दबाव के बावजूद छात्रों ने अपना ध्यान लक्ष्य से नहीं भटकने दिया। जब परिणाम आया, तो कैंपस के 100 में से 91 बच्चों ने बाजी मार ली, जिसने सभी विवादों पर विराम लगाते हुए संस्थान का नाम एक बार फिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
जिलावार प्रदर्शन में हिसार रहा सबसे आगे
इस परीक्षा में हरियाणा के लगभग हर जिले के बच्चों ने अपना दम दिखाया है। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो सफल होने वाले छात्रों में हिसार जिला 16 छात्रों के साथ सबसे आगे रहा है। इसके बाद फतेहाबाद से 9 छात्र, जबकि फरीदाबाद और जींद से 8-8 छात्रों को सफलता मिली है। वहीं कैथल, गुरुग्राम और रेवाड़ी से 6-6 छात्र, जबकि महेंद्रगढ़, भिवानी, कुरुक्षेत्र और पलवल से 4-4 छात्रों ने परीक्षा पास की है। इसके अतिरिक्त चरखी दादरी, झज्जर, सोनीपत, मेवात, पंचकूला और सिरसा से 2-2 छात्र तथा अंबाला, करनाल और यमुनानगर से 1-1 छात्र ने अपनी जगह पक्की की है।
इस परिणाम की एक और बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें समाज के हर वर्ग और बेटियों को बराबर प्रतिनिधित्व मिला। सफल होने वाले विद्यार्थियों में 35 बेटियां (महिला कैटेगरी) शामिल हैं। इसके साथ ही श्रेणीवार प्रदर्शन को देखें तो अनुसूचित जाति (SC) के 37 छात्र, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 29 छात्र और सामान्य वर्ग (General/EWS) के 24 छात्र इस कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण करने में सफल रहे हैं।
क्या है हरियाणा सुपर 100 योजना?
कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि इस सत्र की शुरुआत में JEE Mains परीक्षा में संस्थान के 313 में से 235 बच्चे पास हुए थे, जिनमें से अंतिम चरण (Advanced) तक पहुंचते-पहुंचते 91 बच्चों ने आईआईटी (IIT) का टिकट पक्का कर लिया है। उन्होंने आगे कहा कि यह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसकी समीक्षा वे स्वयं करते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और होनहार बच्चों को JEE और NEET जैसी कठिन परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग देना है।
इस योजना में प्रवेश पाने के लिए छात्र का 10वीं कक्षा में 80% से अधिक अंक लाना अनिवार्य है। इसके बाद सरकार द्वारा आयोजित लेवल-1 और लेवल-2 की प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है। चयनित बच्चों को बारना (कुरुक्षेत्र) कैंपस में रहने, खाने और ‘विकल्प संस्थान’ के सहयोग से टॉप-क्लास कोचिंग की सुविधा पूरी तरह निशुल्क दी जाती है। उपायुक्त ने बताया कि इस बेहतरीन योजना की बदौलत अब तक संस्थान से करीब 200 बच्चे IIT में और 60 बच्चे MBBS की पढ़ाई कर देश-प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। बारना में आयोजित एक समारोह के दौरान सभी सफल छात्रों और उनके अभिभावकों को सम्मानित भी किया गया।
