तेलंगाना में बारिश की कमी और जलाशयों के घटते जलस्तर ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (CM Revanth Reddy) ने नलगोंडा जिले के नागार्जुन सागर में कृष्णा नदी के किनारे आयोजित वरुण यज्ञ में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ पूर्णाहुति कार्यक्रम में शामिल हुए और राज्य में अच्छी बारिश की प्रार्थना की।
यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान वरुण का आह्वान किया गया। सरकार का उद्देश्य राज्य में पर्याप्त वर्षा के साथ कृष्णा और गोदावरी बेसिन के जलाशयों में पानी की उपलब्धता बढ़ने की कामना करना था।
सुबह 4 बजे शुरू हुआ धार्मिक अनुष्ठान
वरुण यज्ञ की शुरुआत सुबह करीब चार बजे गो पूजा से हुई। आयोजन में 108 ऋत्विक और वैदिक विद्वानों ने हिस्सा लिया, जबकि अनुष्ठान के लिए 11 हवन कुंड बनाए गए थे।
यदागिरिगुट्टा मंदिर के पुजारियों और वैदिक विद्वानों की निगरानी में यज्ञ कराया गया। सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी और विधायक एन. पद्मावती ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
CM बोले- खूब बरसे बारिश, भर जाएं तालाब
पूर्णाहुति के बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि उन्होंने राज्य में भरपूर बारिश और किसानों की खुशहाली की कामना की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कृष्णा और गोदावरी नदी क्षेत्रों में अच्छी बारिश होगी, जिससे तालाब और जलाशय भरेंगे और फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा।
जलाशयों की स्थिति ने बढ़ाई सरकार की चिंता
तेलंगाना में कमजोर बारिश का असर जलस्रोतों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई मध्यम सिंचाई परियोजनाओं और छोटे तालाबों में भी पानी कम है। श्रीरामसागर का स्टोरेज आधे स्तर के आसपास पहुंच रहा है।
वहीं, नागार्जुन सागर अपनी 312 टीएमसी क्षमता का करीब 44 प्रतिशत ही भरा है। सिंगुर में 29.9 टीएमसी की क्षमता के मुकाबले लगभग 13.9 प्रतिशत पानी है, जबकि निजामसागर करीब 57.5 प्रतिशत भरा है।
सरकार ने कम बारिश की संभावित स्थिति से निपटने के लिए विशेषज्ञ समिति भी बनाई है। समिति ने पानी बचाने वाली सिंचाई तकनीकों और सूखा-रोधी फसलों को बढ़ावा देने की सिफारिश की है।
