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हिंदू आस्था पर प्रहार करने वाले आज आस्था की बात कर रहे हैं: मुख्यमंत्री योगी

CM Yogi

CM Yogi

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित एक प्रतिष्ठित मीडिया कॉन्क्लेव (पंचायत आजतक) के मंच से विपक्ष पर अब तक का सबसे तीखा और सीधा राजनीतिक हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले नौ वर्षों के कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश में आए प्रशासनिक, आर्थिक और सांस्कृतिक बदलावों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके साथ ही, उन्होंने अयोध्या के श्री राम मंदिर में हाल ही में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी विवाद पर पहली बार बेहद आक्रामक और स्पष्ट रुख अपनाते हुए विपक्ष के ‘आस्था प्रेम’ को पूरी तरह पाखंड करार दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को सीधे कठघरे में खड़ा करते हुए अतीत की घटनाओं का स्मरण कराया। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा कि साल 2017 से पहले जो लोग उत्तर प्रदेश की सत्ता में बैठकर कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाते थे, रामनवमी की भव्य शोभायात्राओं को रोकते थे और दुर्गा पूजा पंडालों की स्थापना में विधिक अड़चनें पैदा करते थे, वे आज अचानक हिंदू आस्था के पैरोकार बन रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि यह देश और प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि किन लोगों ने अयोध्या की पावन धरा पर निहत्थे रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं और हनुमानगढ़ी मंदिर के आसपास के वातावरण को दूषित करने का कुत्सित प्रयास किया था। उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर निशाना शासते हुए कहा कि जो लोग देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में बाकायदा हलफनामा (शपथपत्र) दायर कर भगवान श्री राम और भगवान विष्णु के ऐतिहासिक अस्तित्व को ही काल्पनिक बताते थे और राम मंदिर निर्माण की राह में अपने महंगे वकील खड़े कर हर संभव बाधा डालते थे, आज वे राजनीतिक लाभ के लिए आस्था की बात कर रहे हैं।

अयोध्या विवाद पर विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरी तरह से एक स्वतंत्र और स्वायत्त संस्था है, जिसके आंतरिक और वित्तीय मामलों में राज्य सरकार को सीधे हस्तक्षेप करने का कोई विधिक अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक विवरण साझा करते हुए बताया कि जब ट्रस्ट प्रबंधन ने औपचारिक रूप से राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच का लिखित अनुरोध किया, तब सरकार ने बिना समय गंवाए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। सीएम योगी ने जांच के नतीजों का ब्योरा देते हुए बताया कि छह मुख्य आरोपियों को सीसीटीवी और डिजिटल विजुअल्स के माध्यम से दानपात्र से चढ़ावा चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, जिन्हें पुलिस द्वारा तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा दो अन्य सह-आरोपियों को चोरी के इस कृत्य में आंतरिक सहयोग और संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो वरिष्ठ अधिकारियों या कर्मचारियों के इस्तीफे नैतिक आधार पर और प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए ट्रस्ट द्वारा तुरंत स्वीकार किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि इस घटना से हम जैसे करोड़ों रामभक्तों की निजी आस्था अत्यंत आहत हुई है, परंतु मुट्ठी भर अपराधियों की करतूत के नाम पर समूची अयोध्या नगरी, पावन श्री राम जन्मभूमि और संपूर्ण हिंदू आस्था को वैश्विक स्तर पर बदनाम करना किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है।

विपक्ष की नीयत पर तीखा तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन दलों के नेताओं ने दशकों तक देश और प्रदेश के सरकारी खजाने को दोनों हाथों से लूटा, बड़े-बड़े घोटालों को अंजाम दिया और वैश्विक मंच पर भारत के सामने एक गंभीर पहचान का संकट खड़ा किया, आज उनके लिए राम मंदिर का यह आंतरिक प्रशासनिक विषय सबसे महत्वपूर्ण विमर्श बन गया है, जबकि वे खुद द्वारा की गई ऐतिहासिक डकैतियों पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि आज उत्तर प्रदेश के सभी धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र न केवल देश के लिए सांस्कृतिक मॉडल बन रहे हैं, बल्कि वे राज्य की रीढ़ और अर्थव्यवस्था को भी एक नई ऐतिहासिक गति दे रहे हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं के लिए यह आत्मिक पीड़ा का विषय हो सकता है, क्योंकि कभी इसी अयोध्या के लिए उनके आकाओं ने गर्व से कहा था कि वहां एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता, और आज उसी सुरक्षित व भव्य अयोध्या में प्रतिदिन लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु आकर पूरी श्रद्धा के साथ महाप्रभु के दर्शन कर रहे हैं।

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