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जिस बच्ची की पढ़ाई में CM योगी ने की थी मदद, उसी से कराया श्री राम वाटिका का उद्घाटन

CM Yogi

CM Yogi

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) का बच्चों के प्रति विशेष स्नेह और संवेदनशीलता सोमवार (29 जून) को ‘पीतल नगरी’ मुरादाबाद में एक बार फिर देखने को मिली। अवसर था 365 करोड़ रुपये से अधिक की 63 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण का। इस भव्य विकास उत्सव और जनसमूह की मौजूदगी के बीच एक बेहद भावुक और आत्मीय क्षण ने सबका दिल जीत लिया, जब मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ‘श्री राम वाटिका’ के उद्घाटन के लिए किसी राजनेता या अधिकारी को नहीं, बल्कि सुरक्षा प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए दो छोटी सगी बहनों को आगे बढ़ाया।

इन दोनों मासूम बहनों के नाम वांची और आची हैं। मुख्यमंत्री (CM Yogi) की उपस्थिति में इन नन्हीं बच्चियों ने अपने हाथों से फीता काटकर ‘श्री राम वाटिका’ का औपचारिक लोकार्पण किया। इस अभूतपूर्व दृश्य को देखकर वहां उपस्थित जनसैलाब और प्रशासनिक अधिकारी भावुक हो उठे। मुख्यमंत्री का यह संवेदनशील कदम यह साफ संदेश देता है कि उनके शासनकाल में आम जनता और विशेषकर बेटियां ही सबसे बड़ी वीआईपी (VIP) हैं, जिन्हें व्यवस्था में सर्वोच्च सम्मान और स्थान दिया जा रहा है।

‘जनता दर्शन’ से जुड़ी है इस स्नेह की भावुक कहानी:

मुरादाबाद के निवासी अमित कुमार अपनी 6 वर्षीय बड़ी बेटी वांची के स्कूल में एडमिशन को लेकर करीब तीन महीने से दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे और बेहद परेशान थे।

मुख्यमंत्री से लगाई गुहार:

कहीं से कोई मदद न मिलने पर जून 2025 में उन्होंने अपनी बेटी को साथ लेकर मुख्यमंत्री के ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में सीधे गुहार लगाने का फैसला किया। बच्चों के प्रति बेहद संवेदनशील मुख्यमंत्री ने लाचार पिता की पीड़ा को न केवल ध्यान से सुना, बल्कि प्रशासनिक तंत्र को तुरंत उचित कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए।

3 घंटे में हुआ एडमिशन:

मुख्यमंत्री (CM Yogi) की इस त्वरित संवेदनशीलता का असर यह हुआ कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत महज तीन घंटे के भीतर ही मासूम वांची का एडमिशन मुरादाबाद के प्रतिष्ठित ‘सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल’ में सुनिश्चित करा दिया गया।

सोमवार को जब मुख्यमंत्री (CM Yogi) का काफिला मुरादाबाद में विकास योजनाओं के लोकार्पण के लिए पहुंचा, तो ये दोनों बहनें अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने आई थीं। भारी सुरक्षा व्यवस्था और कड़े पहरे के बीच जैसे ही मुख्यमंत्री की नजर भीड़ में इन बच्चियों पर पड़ी, उन्होंने तुरंत स्नेह के साथ दोनों को अपने पास बुला लिया और उन्हीं के नन्हें हाथों से इस भव्य श्री राम वाटिका का फीता कटवाकर इसे आम जनता को समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री के इस अप्रत्याशित सम्मान और दुलार ने एक बार फिर साबित किया कि वे आम जनता के सुख-दुख के प्रति कितने गंभीर हैं।

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