मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने शनिवार को गोंडा जिले के करनैलगंज (चकरौत) में आयोजित एक भव्य जनसभा के दौरान 516 करोड़ रुपये की लागत वाली 262 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गोंडा के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव को याद किया। उन्होंने कहा कि गोंडा अत्यंत ऊर्जावान और संभावनाओं से भरा जनपद है, लेकिन आजादी के बाद इसे वह विकास नहीं मिला जिसका यह हकदार था। पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण, घोर जातिवाद, भाई-भतीजावाद और अराजकता की राजनीति के कारण यह पूरा क्षेत्र विकास की दौड़ में पिछड़ता चला गया।
अब यूपी का नाम सुनकर लोग दूरी नहीं बनाते, बल्कि गले लगाते हैं
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने युवाओं के आत्मसम्मान का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश और इस जिले के नौजवानों के सामने अपनी पहचान का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। दूसरे राज्यों में जाने पर उत्तर प्रदेश के लोगों से लोग दूरी बना लेते थे, लेकिन आज कानून-व्यवस्था और विकास के मोर्चे पर हुए कार्यों से स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब देश-दुनिया में कहीं भी उत्तर प्रदेश और गोंडा का नाम सुनते ही लोग सम्मान के साथ गले लगाते हैं। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय पिछले 12 वर्षों से केंद्र और 9 वर्षों से प्रदेश में सक्रिय भाजपा की डबल इंजन सरकार की जनहितैषी नीतियों को दिया।
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने स्पष्ट किया कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ किसी की जाति, धर्म या चेहरा देखकर नहीं, बल्कि केवल पात्रता के आधार पर मिल रहा है। उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित वृद्धावस्था, दिव्यांग और निराश्रित महिला पेंशन जैसी कल्याणकारी नीतियां बिना किसी भेदभाव के सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रही हैं।
त्योहारों में खलल डालने वालों का भविष्य होगा समाप्त
वर्ष 2017 से पहले की स्थिति की तुलना करते हुए योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश दंगों, उपद्रवों और असुरक्षा के साये में जीता था। त्योहारों के समय जानबूझकर व्यवधान डाले जाते थे, बेटियां और व्यापारी असुरक्षित महसूस करते थे और तत्कालीन सत्ताधारी दंगाइयों को संरक्षण देते थे। आज यूपी में दंगे गुजरे जमाने की बात हो चुके हैं। उन्होंने अपराधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी अब शांति व्यवस्था या त्योहारों में खलल डालने की हिमाकत करेगा, उसका वर्तमान और भविष्य दोनों हमेशा के लिए समाप्त हो जाएंगे।
उन्होंने अयोध्या में 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद हुए भव्य राम मंदिर निर्माण को डबल इंजन सरकार की सबसे बड़ी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पहले जहां रामभक्तों पर गोलियां और लाठियां चलाई जाती थीं, वहीं आज अयोध्या एक विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है।
गोंडा और कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्रों को मिला विशेष बजट
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि पहले विकास कार्य कुछ चुनिंदा वीआईपी क्षेत्रों तक ही सीमित रख दिए जाते थे, जबकि उनकी सरकार ने प्रदेश के हर जिले तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का काम किया है। आज अकेले गोंडा जिले में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि महाविद्यालय, आधुनिक अस्पताल और उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित हो चुके हैं, वहीं पड़ोसी जिले श्रावस्ती में एयरपोर्ट का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
इस अवसर पर स्वीकृत की गई 516 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का विधानसभा वार विवरण इस प्रकार है:
| विधानसभा क्षेत्र | लोकार्पण (विकास कार्य व बजट) | शिलान्यास (नई परियोजनाएं व बजट) |
| कटरा बाजार | 19.23 करोड़ रुपये (16 परियोजनाएं) | 236.62 करोड़ रुपये (84 परियोजनाएं) |
| करनैलगंज | 64.92 करोड़ रुपये (32 परियोजनाएं) | 194.86 करोड़ रुपये (130 परियोजनाएं) |
मटियारी घाट पुल, बाढ़ नियंत्रण और प्राकृतिक खेती पर जोर
किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मटियारी घाट पर एक दीर्घ सेतु (बड़े पुल) के निर्माण के साथ-साथ घाघरा नदी के तट पर स्पर निर्माण और बाढ़ नियंत्रण परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। इस कदम से प्रतिवर्ष बाढ़ का दंश झेलने वाली हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि को सुरक्षित किया जा सकेगा। इसके साथ ही टेढ़ी नदी पर पुल निर्माण की स्थानीय जनता की वर्षों पुरानी मांग को भी सरकार पूरा करने जा रही है। उन्होंने बताया कि करनैलगंज आईटीआई में आधुनिक कार्यशाला और नए पशु चिकित्सालय जैसी कई नई सुविधाएं जल्द शुरू होंगी।
भाषण के समापन में सीएम योगी (CM Yogi) ने किसानों से भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती (Organic Farming) को बड़े पैमाने पर अपनाने की अपील की। उन्होंने ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए हरित ऊर्जा को बढ़ावा देगी, बल्कि आम जनता को महंगे बिजली बिलों से मुक्ति दिलाकर आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगी।
