पदों बंटवारे में कांग्रेस और जेडीएस के सामने आयी सबसे बड़ी मुश्किल, जा सकती है सत्ता

कांग्रेस और जेडीएस
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बेंगलुरु। कर्नाटक में येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस और जेडीएस सरकार बनाने की तैयारी में जुट गयीं हैं। जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी बुधवार को सीएम पद की शपथ लेंगे। वहीं सोमवार को वह दिल्ली में राहुल और सोनिया गांधी से मुलाकात करने वाले हैं। इस मुलाकात में मंत्रीमंडल में विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा हो सकती है। साथ ही वह दोनों नेताओं को शपथग्रहण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भी देंगे। वहीं जेडीएस और कांग्रेस के लिए डिप्टी सीएम के पद को लेकर एक समस्या खाड़ी होती हुई नजर आ रही है।

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कांग्रेस और जेडीएस के लिए समस्या

कर्नाटक में अब कांग्रेस और जेडीएस के सामने मंत्रालयों को और पदों की संतुष्टि पूर्वक बंटवारे की चुनौती है। कुमारस्वामी के साथ राहुल और सोनिया के साथ मुलाकात में मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर चर्चा होगी। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस राज्य की 33 सदस्यों वाली कैबिनेट में अपने पास 20 मंत्रालय रखेगी। हालांकि 78 सीटों के बावजूद कांग्रेस का कैबिनेट में प्रतिनिधित्व कम ही रहेगा। कांग्रेस के पास राज्य की 78 सीटें हैं। जबकि जेडीएस के पास 37 विधायक हैं।

बताया जा रहा है कि सीएम पद के अलावा जेडीएस अपने पास महत्वपूर्ण मंत्रालय जैसे कि वित्त, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग को रखना चाहता है। कांग्रेस के महासचिव और कर्नाटक के प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘बुधवार को अकेले कुमारस्वामी सीएम पद के तौर पर शपथ लेंगे। इसके बाद गुरुवार को फ्लोर टेस्ट होगा। उसी दिन स्पीकर का चुनाव भी होगा।’

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वहीं इस बीच लिंगायतों ने एक ऐसी मांग दोनों पार्टियों के सामने रख दी है। जिसमें टेंशन को और बढ़ा दिया है। दरअसल लिंगायत समुदाय के विधायकों की मांग है कि उन्हें उप-मुख्यमंत्री का पद दिया जाए। बात दें कि कांग्रेस में सबसे ज्यादा 16 लिंगायत विधायक है। वहीं जेडीएस के पास चार हैं।

लिंगायतों की मांग पर फंसा पेंच

दोनों ही पार्टियों को मिलकर कुल 20 विधायक लिंगायत समुदाय से आते हैं ऐसे में दोनों पार्टियों को उन्हें मनाने की चुनौती है। वहीं बीजेपी लगातार जोड़तोड़ की राजनीति में जुटी हुई। इससे पहले बीजेपी नेता येदियुरप्पा कह चुके हैं कि कांग्रेस और जेडीएस में आपसी कलह से गठबंधन टूर जाएगा और वे फिर से सरकार बनाएंगे ऐसे में लिंगायतों को डिप्टी सीएम पद देना पड़ सकता है। बीजेपी पहले भी लिंगायत विधायकों के उनके संपर्क में होने की बात कह चुकी है।

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने जेडीएस को बिना शर्त समर्थन दिया है। इसी वजह से वह गठबंधन को बनाए रखने के लिए कोई मांग नहीं करेगी। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने निर्णय ले लिया है कि वह डिप्टी सीएम का पद दलित को देगी। इसके लिए परमेश्वर उनकी पहली पसंद हैं। ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि कर्नाटक में दो डिप्टी सीएम बन सकते हैं। एक कांग्रेस पार्टी से होगा तो दूसरा जेडीएस से।

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