इमरजेंसी के वक्त देश आगे बढ़ रहा था,आज पिछड़ रहा है : आचार्य प्रमोद

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने अब 1975 में कांग्रेस द्वारा लगाई गई इमरजेंसी के समर्थन में ट्वीट किया है। उन्होंने अपने विवादित ट्वीट में लिखा है कि इमरजेंसी में कड़े अनुशासन के साथ देश आगे बढ़ रहा था और नेता जेल में थे, मगर आज देश पिछड़ रहा है और नेता मौज मार रहे हैं। उनके ट्वीट से साफ है कि वो कांग्रेस द्वारा लगाई गई इमरजेंसी का समर्थन कर रहे हैं।

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अपने बयानों के लिए चर्चाओं में रहने वाले आचार्य प्रमोद अक्सर विवादित ट्वीट करते रहते हैं। ऐसे में जबकि पूरा देश आपातकाल को देश के इतिहास में काले दिनों के रूप में याद करते हैं। यहां तक कि खुद कांग्रेस ने उसके लिए खेद जाताया ऐसे में उनके इस ट्वीट से साफ जाहिर है कि वह विवाद पैदा करने चाहते हैं।

मालूम रहे कि आज से 44 साल पहले यानी कि 25 जून 1975 को भारत के इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ा था। आज ही के दिन देश में इमरजेंसी लगाने की घोषणा हुई थी। यह इमरजेंसी का दौर 21 जून 1977 तक चला। तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के कहने पर भारतीय संविधान की धारा 352 के अधीन इमरजेंसी की घोषणा कर दी। इस दौरान देश की जनता पर इसका गहरा असर पड़ा था और इसके साथ ही प्रेस और सिनेमा भी इससे बच नहीं सका। देश में सेंसरशिप लागू कर दी गई थी।

आचार्य प्रमोद इस लोकसभा चुनाव में लखनऊ सीट से मैदान में थे। प्रमोद तीसरे नंबर पर रहे थे। उनके सामने थे भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह। राजनाथ सिंह 6 लाख से भी ज्यादा वोट पाकर विजयी हुए थे। राजनाथ सिंह ने गठबंधन की तरफ से लड़ रहीं सपा प्रत्याशी पूनम सिन्हा को करीब तीन लाख 40 हजार वोटों से हराया। कांग्रेस प्रत्याशी आचार्य प्रमोद को महज एक लाख 80 हजार 11 वोटो से संतोष करना पड़ा।

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