राफेल मामले में कांग्रेस का CAG पर निशाना, आज संसद में घमासान के आसार

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नई दिल्ली। कांग्रेस ने राफेल सौदे में मोदी सरकार के अलावा अब नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने CAG राजीव महर्षि को दिए एक मेमोरैंडम में राजीव महर्षि पर कॉनफ्लिक्‍ट ऑफ इंटरेस्‍ट यानी हितों के टकराव का आरोप लगाया है।

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आपको बता दें कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने महर्षि को एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा गया है कि कार्डिनल प्रिंसिपल ऑफ लॉ के अनुसार कोई भी दोषी अपने मामले में जज नहीं बन सकता है। उनका कहना है कि महर्षि 29 अक्तूबर, 2014 से 30 अगस्त, 2015 तक वित्त सचिव थे। इस समयावधि के दौरान यूपीए-2 ने 126 विमानों के अधिग्रहण की प्रक्रिया रुक गई थी और 36 विमानों के नए सौदे पर भारत और फ्रांस के बीच बातचीत हो रही थी।

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जानकारी के मुताबिक 10 अप्रैल, 2015 को 58 हज़ार करोड़ के इस सौदे के ऐलान के दौरान वो वित्त सचिव थे। सेना के लिए सामान ख़रीदने की वित्तीय मंज़री वित्त मंत्रालय और कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की कमेटी देती है। कांग्रेस का कहना है कि तब वित्त सचिव रहे राजीव महर्षि सौदे को मंज़ूरी देने की प्रक्रिया का हिस्सा थे।

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