सर्जिकल स्ट्राइक डे पर बढ़ा विवाद, मोदी सरकार देनी पड़ी सफाई

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नई दिल्ली। यूजीसी द्वारा 29 सितंबर को देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्चतर शिक्षण संस्थानों को सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने के लिए जारी किए गए निर्देश को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में कांग्रेस के नेता मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं वहीं मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को इस मामले में सफाई देनी पड़ी है।

सर्जिकल स्ट्राइक डे को लेकर जावड़ेकर की सफाई

जावड़ेकर ने कहा कि उन्हीं संस्थानों को सर्जिकल स्ट्राइक दिवस मनाने को कहा है जो ऐसा चाहते हैं। इस मौके पर आर्मी के पूर्व अधिकारियों को लेक्चर के लिए बुलाया जा सकता है। जिसमें वो देश की सुरक्षा और सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ी बातों के बारे में बताएंगे।

साथ ही केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने यह भी कहा ‘हमने इसे जरूरी नहीं बनाया है, हम सुझाव देते हैं और सलाह जारी करते हैं। इसमें कोई राजनीति नहीं है बल्कि यह देशभक्ति है।’

पढ़ें:- 29 सितंबर को सरकार मनाएगी सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ 

सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने के आदेश पर कांग्रेस का हमला

इस मामले में कांग्रेस सरकार पर हमलावर दिखायी पड़ रही है। यूजीसी के निर्देशों की आलोचना करते हुए पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के रूप में मनाएं। क्या इसका मकसद लोगों को शिक्षित करना है या फिर भाजपा के राजनीतिक हितों को पूरा करना।

वहीं यूसीजी के इस फैसले पर पश्चिम बंगाल में शिक्षा मंत्री पार्था चटर्जी ने सरकार परा हमला बोलते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइ डे मनाना भाजपा के एजेंडे का हिस्सा है। इसीलिए, पश्चिम बंगाल में शिक्षण संस्थान इसे नहीं मनाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा आर्मी को बदनाम और इसका राजनीतिकरण कर रही है।

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