मुरादाबाद। गुरुवार शाम को मुरादाबाद की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अमरोहा की एक नर्सिंग छात्रा से दुष्कर्म (rape) के मामले में दोषी को दस साल की सजा सुनाई। शादीशुदा युवक ने पीड़िता से धोखे से यौन संबंध बनाए और फिर कोर्ट मैरिज कर ली।
फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 योगेन्द्र चैहान ने युवक को दोषी करार देते 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पहली पत्नी ने भी पति के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी।
पाकबड़ा स्थित एक विवि में अमरोहा की युवती ने नर्सिंग में दाखिला लिया। वहां उसे विवि का ही एक कर्मचारी प्रीतम सिंह मिला। प्रीतम समाथल का रहने वाला है। कर्मचारी ने छात्रा को अच्छे नंबरों से पास कर नौकरी लगाने का झांसा दिया। इस बीच कर्मचारी ने मौके का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता को उसने खुद को अविवाहित बताते हुए शादी करने का प्रस्ताव रखा। 09 जून 2016 को दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। युवक ने उसे समाथल में एक किराए के मकान में रखा। मगर कुछ ही दिनों में यह भेद खुल गया और पहली पत्नी सुमन उसके घर पहुंच गई। इसके बाद पीड़िता अपने परिवार के पास पहुंची।
युवक उसे फिर से बहलाने लगा मगर वहां मारपीट व झगड़ा हुआ। पीड़िता की तहरीर पर थाना पाकबड़ा में प्रीतम सिंह के खिलाफ बलात्कार आदि का मुकदमा कायम हुआ।