कोरोनो वायरस : सीएम योगी ने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि हर जिलें में आइसोलेशन वॉर्ड बनाए जाएं

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उत्तर प्रदेश डेस्क.  चीन में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा हुआ है और दुनिया के अन्य हिस्सों में इस वायरस से निपटने की सभी कोशिशें की जा रही हैं. इस  घातक कोरोना वायरस ने अब तक 100 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है और करीब 3000  से अधिक लोग इसकी चपेट में हैं. यह वायरस भारत, अमेरिका, तिब्बत, थाइलैंड, जापान और मंगोलिया में लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है.कोरोना वायरस अब भारत तक पहुंच चुका है -मुंबई, बिहार, जयपुर आदि  में इसके मामले सामने आए हैं.

कोरोनो वायरस : मरने वालों की संख्या हुई 100 के पार, लगभग 3000 संक्रमित

उत्तर प्रदेश में भी कोरोनो वायरस की आशंका है इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस के मद्देनजर अधिकारियों को सतर्कता बरतने के खास निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने ये निर्देश सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए दिए।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि हर जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में 10 बेड के आइसोलेशन वॉर्ड बनाए जाएं। इंडो-नेपाल स्पेशल बार्डर पर कड़ी सतर्कता बरती जाए। एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरती जाए, खासतौर पर इंटरनेशनल हवाई अड्डों पर, जहां विदेशों से लोग आ रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ये भी निर्देश दिए कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से लगातार संपर्क स्थापित करके समन्वय बनाकर सारी कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी ने सभी जिलों के सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि नोवल कोरोना वायरस-2019′ के संक्रमण से बचाव, उपचार एवं रोकथाम के लिए प्रदेश में संवेदनशील देशों की सीमा से सटे जनपदों, प्रमुख पर्यटन स्थलों तथा एयरपोर्ट पर सभी तैयारियां रखी जाएं। ऐसे जनपदों में मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वॉर्ड, उपचार हेतु दवाओं, चिकित्सकों के प्रयोग में आने वाली सामग्री की पूर्ण व्यवस्था कर ली जाए। वाराणसी और लखनऊ के एयरपोर्ट पर स्थापित चिकित्सा शिविर की सूचना को प्रदर्शित रखा जाए। नेपाल, चीन, थाईलैण्ड और वियतनाम से आने वाले पर्यटकों की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके अस्वस्थ होने पर सरकारी चिकित्सालयों में ही भर्ती कराया जाए।

उन्होंने कहा, इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि चीन की यात्रा से लौटे अथवा वहां से आए पर्यटक को नजला, सांस लेने में दिक्कत, फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं तो उसका प्राइवेट चिकित्सा न कराकर सरकारी अस्पताल में ही भर्ती कराया जाए। उन्होंने सभी सात एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था रखने, बुखार नापने के लिए ओरल थर्मामीटर का प्रयोग न करने, चिकित्सालयों की ओपीडी में संवेदनशील देशों से आए नागरिकों का ब्योरा रखने के भी निर्देश दिए।

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