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गो-आश्रय स्थलों को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए : योगी

Writer D by Writer D
15/06/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ की नीति के अनुरूप कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए संक्रमण की रोकथाम के सम्बन्ध में पूरी सतर्कता एवं सावधानी बरती जाए। उन्होंने प्रदेशवासियों को कोविड संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए कोरोना वैक्सीनेशन की कार्यवाही को और तेज किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री जी आज वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण में उल्लेखनीय कमी को देखते हुए सोमवार 21 जून, 2021 से आंशिक कोरोना कफ्र्यू में छूट की अवधि को बढ़ाकर सुबह 7ः00 बजे से रात 9ः00 बजे तक किया जाए। इस सम्बन्ध में प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी सोमवार 21 जून, 2021 से रेस्टोरेंट्स को आधी क्षमता के साथ खोले जाने की अनुमति दी जाए। खुलने वाले रेस्टोरेंट्स में अनिवार्य रूप से इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, सैनिटाइजर आदि से युक्त कोविड हेल्प डेस्क स्थापित होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पुलिस द्वारा व्यापक पेट्रोलिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं पर भी भीड़ एकत्र न होने पाए। लोगों द्वारा अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग तथा दो-गज की दूरी का पालन किया जाए। कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रति लोगों को निरन्तर जागरूक एवं कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए व्यापक पैमाने पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 340 नये मामले प्रकाश में आए हैं। इसी अवधि में 1,104 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 7,221 है। पिछले 24 घण्टों में 2,57,135 कोविड टेस्ट किये गये हैं। राज्य में अब तक कुल 05 करोड़ 38 लाख 59 हजार 954 कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर में भी निरन्तर वृद्धि हो रही है। यह दर अब बढ़कर 98.3 प्रतिशत हो गई है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ पॉलिसी को प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए। कोविड संक्रमण की सम्भावित तीसरी लहर एवं संचारी रोगों की रोकथाम के सम्बन्ध में प्रदेश के सभी जनपदों को अभी से सक्रिय किया जाए। इस सम्बन्ध में बच्चों की स्क्रीनिंग एवं सर्विलांस का कार्य अभियान के रूप में संचालित किया जाए। यह अभियान कोरोना सहित वर्षा काल में होने वाले अन्य संचारी रोगों की रोकथाम में अत्यन्त सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निगरानी समितियों के माध्यम से बच्चों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने के कार्य का आज से शुभारम्भ हो गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 0 से 01 वर्ष, 01 वर्ष से 05 वर्ष, 05 वर्ष 12 वर्ष तथा 12 वर्ष से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए अलग-अलग मेडिसिन किट तैयार की गई है। निगरानी समितियों के द्वारा स्क्रीनिंग के पश्चात लक्षण युक्त एवं संक्रमण के प्रति संदिग्ध बच्चों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। जिन बच्चों को मेडिसिन किट प्रदान की जा रही है, उनके नाम-पता एवं उनके अभिभावकों के फोन नम्बर युक्त सूची भी तैयार की जाए, जिससे इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से मेडिसिन किट प्राप्ति का फीड बैक लेते हुए बच्चों के स्वास्थ्य के सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त की जा सके।

मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि निगरानी समितियों द्वारा स्क्रीनिंग के साथ ही, लक्षण युक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। निगरानी समितियों के पास पर्याप्त संख्या में मेडिसिन किट उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों के सदस्यों का उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए अभिनंदन भी किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार की व्यवस्था को निरन्तर सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाकर रखा जाए। इन मरीजों के उपचार के लिए भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही दवाओं को अविलम्ब मरीजों को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार वैकल्पिक दवाएं भी उपलब्ध करायी जाएं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर के सुदृढ़ीकरण कार्य युद्ध स्तर पर संचालित कराया जाए। सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के सम्पर्क मार्गों को बेहतर बनाया जाए, जिससे मरीज एवं एम्बुलेंस आदि इन स्वास्थ्य केन्द्रों तक आसानी एवं बाधारहित ढंग से पहुंच सकें।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बच्चों के लिए स्वदेशी पल्स ऑक्सीमीटर की उपलब्धता नहीं है। एम0एस0एम0ई0 इकाइयों को इसे बनाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हेल्थ ए0टी0एम0 के माध्यम से टेस्ट और दवाओं के वितरण का कार्य बेहतर एवं प्रभावी ढंग से सम्पन्न किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग को हेल्थ ए0टी0एम0 की व्यवस्था अपनाने के सम्बन्ध में विचार करना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि कोविड-19 की उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरन्तर कार्यवाही की जा रही है। कोविड बेड की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। विगत दिवस प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों में 520 कोविड बेड की वृद्धि हुई है। इसमें लगभग आधे बेड आइसोलेशन के एवं आधे आई0सी0यू0 बेड शामिल हैं। आवश्यकतानुसार मानव संसाधन में भी वृद्धि की जा रही है। मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) तथा नियोनेटल आई0सी0यू0 (नीकू) का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसकी नियमित समीक्षा भी की जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद भ्रमण के दौरान मंत्रिगण द्वारा पीकू एवं नीकू के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि राज्य में ऑक्सीजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता है। प्रदेश में ऑक्सीजन की डिमाण्ड निरन्तर कम हो रही है। विगत 24 घण्टों में राज्य में 295 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास पर्याप्त बैकअप के साथ ऑक्सीजन उपलब्ध है। राज्य में ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की कार्यवाही की नियमित समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन संयंत्रों के मेण्टेनेन्स एवं रख-रखाव के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिक से अधिक प्रदेशवासियों के जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीनेशन को ध्यान में रखकर वैक्सीनेशन की कार्यवाही संचालित की जानी चाहिए। माह अगस्त, 2021 के अन्त तक 10 करोड़ कोरोना वैक्सीन एडमिनिस्टर करने के लक्ष्य के साथ वैक्सीनेशन की कार्यवाही की जाए। इसी के अनुरूप वैक्सीन की डिमाण्ड की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य माह दिसम्बर, 2021 के अन्त तक 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी प्रदेशवासियों को वैक्सीन एडमिनिस्टर कर देने के लक्ष्य के साथ किया जाए। इसके लिए पूरी प्लानिंग के साथ आवश्यक कोल्ड चेन, वैक्सीनेटर्स, वैक्सीनेशन सेण्टर की व्यवस्था कर ली जाए। वैक्सीनेटर्स की ट्रेनिंग का कार्य पूर्ण करा लिया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य बेहतर और प्रभावी ढंग से चल रहा है। राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन के कार्य की गुणवत्ता को इसी प्रकार बनाए रखा जाए। कोरोना वैक्सीनेशन कोविड संक्रमण के विरुद्ध सुरक्षा कवच है। इसलिए कोरोना वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित, सुचारु एवं निर्बाध ढंग से संचालित रहे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एम0एस0पी0 के अन्तर्गत गेहूं क्रय की कार्यवाही को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया जाए। उन गेहूं क्रय केन्द्रों को ही बन्द किया जाए, जहां किसान गेहूं विक्रय के लिए नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत अब तक रिकॉर्ड 53.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। किसानों को गेहूं मूल्य के रूप में अब तक कुल 8,776 करोड़ रुपए धनराशि का भुगतान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि राज्य में सभी औद्योगिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हैं। औद्योगिक इकाइयों तथा संस्थानों में स्थापित सभी कोविड हेल्प डेस्क तथा कोविड केयर सेण्टर कार्यशील हैं। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों के लिए सप्लाई चेन को सुदृढ़ एवं सुचारु बनाकर रखा जाए। ईज  ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। एम0एस0एम0ई0 इकाइयों के लिए लोन मेले का आयोजन कराया जाए। राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि गो-आश्रय स्थलों को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए। गायों के लिए चारे, पेयजल आदि आवश्यक व्यवस्था बनी रहे। हरा चारा एवं चोकर भी दिया जाए। निराश्रित गोवंश की उचित ढंग से देखभाल की जाए।

Tags: cm yogiup newsYogi News
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