सीएसआईआर के शोधों का लाभ अब हिन्द महासागर तटीय देशों को मिलेगा: डॉ.गिरीश

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लखनऊ। केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर–सीमैप) में सोमवार सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. गिरीश साहनी ने आईओरा-आरसीएसटीटी के लिए एक समन्वय केंद्र का उद्घाटन किया । डॉ. गिरीश साहनी ने अपने सम्बोधन में बताया कि इस समन्वय केंद्र के द्वारा सीएसआईआर की विभिन्न प्रयोगशालाओं में किए जा रहे शोधों को हिन्द महासागर तटीय देशों को पहुंचाया जा सकेगा। जिससे कि इन देशों के साथ भारत का सहयोग बढ़ेगा । उन्होंने आशा जताई कि इस समन्वय केंद्र से औषधीय पौधों से संबन्धित किसानों, वैज्ञानिकों तथा उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय मंच मिल सकेगा।

सीएसआईआर–सीमैप में आईओरा-आरसीएसटीटी से 21 सदस्य देशों के साथ वैज्ञानिक व वैश्विक साझेदारी बढ़ेगी

इस समारोह के दौरान संजय पांडा ने सीमैप के द्वारा कम समय में इस समन्वय केंद्र की स्थापना करने पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस समन्वय केंद्र के द्वारा भारत एवं 21 सदस्य देशों के साथ वैज्ञानिक तथा वैश्विक साझेदारी कर सकेगा।

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औषधीय पौधों का डेटाबेस, उनसे मूल्य संवर्धित उत्पाद, विशेषज्ञ व आईओरा के सदस्य देशों को मिलेगा सहयोग

प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, सीएसआईआर–सीमैप ने बताया कि सीएसआईआर–सीमैप, इस समन्वय केंद्र के द्वारा महत्वपूर्ण औषधीय पौधों का डेटाबेस, उनसे मूल्य संवर्धित उत्पाद, विशेषज्ञ तथा आईओरा के सदस्य देशों के उद्योगों में सहयोग प्रदान करेगा। इसके साथ साथ सीमैप प्रशिक्षण कार्यक्रम व बैठकों का आयोजन करेगा जिससे व्यापार, वाणिज्य तथा वैज्ञानिक आदान प्रदान किया जा सकेगा। डॉ. अजीत शासनी समारोह का संचालन किया । इस अवसर पर सीमैप रिसर्च काउंसिल के चेयरमैन प्रो. एस एस हांडा, संयुक्त सचिव (आईओआर) विदेश मंत्रालय संजय पांडा, , ओएसडी (आईओआर), विदेश मंत्रालय आशिमा चतुर्वेदी, एनबीआरआई के निदेशक डॉ. एस के बारिक, आईआईआईएम के  डॉ. आर ए विश्वकर्मा,  तथा आईआईटीआर के निदेशक डॉ. आलोक धवन, निदेशक उपस्थित थे।

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