पुरैना गांव में दबंगों ने युवक को बेरहमी से पीटा, इलाज के दौरान मौत

काकोरी। पुरैना गांव में मामूली विवाद पर दबंगों ने 22 वर्षीय मोहित लोधी को पीट-पीट कर मरणासन्न कर दिया। घरवालों ने लहूलुहान मोहित को निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर दबाव बनाया जिसके चलते उन्होंने शव दफना दिया। बाद में जब वह लोग आरोपियों के खिलाफ तहरीर लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें भगा दिया। मृतक की पत्नी ने एसएसपी से मामले की शिकायत की है।

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पुरैना गांव निवासी मोहित लोधी पत्नी शिल्पी व परिवार के साथ रहता था। शिल्पी ने बताया कि 10 अक्तूबर की शाम 4 बजे मोहित शिवरी गांव की साप्ताहिक बाजार से सब्जी लेकर लौट रहा था। इस दौरान उसकी बाइक से हरिराम रावत की मां माया देवी को टक्कर लग गई थी। वृद्धा के इलाज के लिए उसके बेटे ने मोहित से दो हजार रुपये लिए थे। रुपये देने के बाद दोनों के बीच समझौता हो गया था। शिल्पी के मुताबिक 11 अक्तूबर को माया देवी के बेटों मायाराम, हरिराम, नेकराम और दयाराम ने गांव के बाहर मोहित को रोककर उसकी लाठी डंडों से पिटाई कर दी। हमले में लहूलुहान मोहित बेहोश होकर वहीं गिर गया था। घटना की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने मोहित को मोहान रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई।

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पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

शिल्पी का आरोप है कि उसने घटना की जानकारी पुलिस को दी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे डरा-धमका कर चुप करा दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने उन पर दबाव बनाकर शव का अंतिम संस्कार करने को कहा। इस पर उन्होंने बुधवार को शव दफ्ना दिया। पुरैना गांव में गुरुवार को परिजन आरोपियों के खिलाफ तहरीर लेकर थाने पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाए उन्हें भगा दिया। इस मामले में इंस्पेक्टर संजय कुमार का कहना है कि मोहित लोधी को पीलिया की बीमारी हो गई थी। इसी बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई। वहीं पुरैना गांव के ग्राम प्रधान सुरेश लोधी ने बताया कि मोहित की मौत दबंगों की पिटाई से हुई है। पीड़ित परिवार ने एसएसपी ऑफिस में मामले की शिकायत की है।

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