25 करोड़ में डालमिया ग्रुप का हुआ लाल किला, अब ताजमहल की बारी

डालमिया ग्रुपडालमिया ग्रुप

नईदिल्ली। एतिहासिक इमारतों को गोद लेने का अनुबंदिकरण शुरू हो चूका है। जिसमें 77 साल पुराना डालमिया ग्रुप ने सबसे पहले दिल्ली के लाल किला को गोद लिया है। डालमिया ने लाल किला को 25 करोड़ में गोद लिया है जिसके तहत अब यह कंपनी 5 साल तक इस इमारत का देखरेख करेगा। ग्रुप के सीईओ महेंद्र सिंघी ने कहा कि 30 दिन के अंदर ही लाल किला के रख रखाव का काम शुरू हो जायेगा। इसके साथ ही डालमिया इंडिया ग्रुप पहला उद्योग घराना बन गया है, जो किसी ऐतिहासिक विरासत को गोद लेगा। बता दें कि  लाल किला समेत 22 एतिहासिक स्मारकों में सुविधाएं बेहतर करने के लिए करीब नौ एजेंसियां आगे आई हैं।

डालमिया ग्रुप ने बड़े कंपनियों को पछाड़ा

भारतीत संस्कृति की धरोहर माने जाने वाली एतिहासिक इमारतों को लेकर सरकार ने अनोखा फैसला लिया है। जिसके तहत सरकार द्वारा बड़े उद्योगपतियों को स्मारकों के रख-रखाव के लिए 5 साल का अनुबंध कराकर दिया जायेगा। इस अनुबंध के तहत कंपनी स्मारक का रख-रखाव करेंगे। डालमिया भारत ग्रुप ने अगले पांच साल तक लाल किले की देखरेख के लिए अनुबंध करेगा। इसके लिए 25 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ है। डालमिया ग्रुप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की ‘अडॉप्‍ट ए हेरिटेज’ योजना के तहत इसे गोद लिया है।

ये भी पढ़ें: BJP ने राहुल पर लगाया वंदे मातरम के अपमान का आरोप, पंडित नेहरू को भी घंसीटा 

17वीं शताब्दी में हुआ था निर्माण

भारतीय धरोहर की मिशाल लाल किला का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने 17वीं शताब्‍दी में करवाया था। लाल किला का अपना एक इतिहास है। 1947 में अंग्रेजों के भारत छोड़ने के बाद स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर यहां से हर साल 15 अगस्‍त को देश के प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं। वहां से आजादी का जश्‍न पुरे देश के लोग मनाते हैं। लाल किला को गोद लेने की होड़ में इंडिगो एयरलाइंस और जीएमआर ग्रुप जैसी दिग्‍गज कंपनियां भी शामिल थीं। लेकिन, डालमिया भारत ग्रुप ने इन्‍हें पछाड़ते हुए पांच साल के कांट्रैक्‍ट पर ऐतिहासिक इमारत को गोद लिया है।

loading...

You may also like

घर बैठे जानें आयुष्मान योजना के लाभार्थी सूचि में आपका नाम है या नहीं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखण्ड की