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रॉयल्टी व अर्थदंड माफी के लिए मुख्यमंत्री से मिला एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय का शिष्टमंडल

Delegation from HNB Garhwal University meets CM Dhami.

Delegation from HNB Garhwal University meets CM Dhami.

देहरादून। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय पर जिला प्रशासन टिहरी द्वारा लगाए गए 9.90 करोड़ के रॉयल्टी एवं अर्थदंड को निरस्त किए जाने को लेकर विश्वविद्यालय का एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) से मिला। शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री को पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए जनहित एवं विश्वविद्यालय हित में इस राशि को पूर्णतः माफ करने का अनुरोध किया।

शिष्टमंडल के साथ बैठक के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रारंभ में इस प्रकरण में 1.90 करोड़ की रॉयल्टी निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में पांच गुना बढ़ाकर अर्थदंड सहित 9.90 करोड़ कर दिया गया। शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि जिस स्थान पर रेलवे सुरंगों से निकले मलबे का भराव किया गया, वह पूरी तरह जनहित का कार्य था।

वर्तमान में इसी समतल क्षेत्र के ऊपर से कई गांवों को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में इस कार्य से विश्वविद्यालय को किसी प्रकार का व्यावसायिक लाभ नहीं हुआ है। प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान अलकनंदा नदी के भीषण कटाव से श्रीनगर-चौरास क्षेत्र को जोड़ने वाला मार्ग तथा विश्वविद्यालय का खेल मैदान क्षतिग्रस्त हो गया था।

क्षेत्र की सुरक्षा, तटबंधों की मजबूती और आवागमन बहाल करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सुरंगों से निकले मलबे का उपयोग कटावग्रस्त क्षेत्र के पुनर्भरण में कराया था। यह कार्य पूरी तरह सार्वजनिक हित और आपदा पुनर्वास से जुड़ा था।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुख्यमंत्री को यह भी स्मरण कराया कि इससे पूर्व एक छात्र कार्यक्रम में उन्होंने इस मामले को सकारात्मक रूप से लेते हुए कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर राहत दिलाने का आश्वासन दिया था। प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि आगामी कैबिनेट बैठक में इस विषय को शामिल कर विश्वविद्यालय पर लगाए गए 9.90 करोड़ के रॉयल्टी एवं अर्थदंड को पूर्णतः माफ किया जाए।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस मामले में पूर्व से ही कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि लगातार सहयोग करते रहे हैं। जुलाई 2023 में जनप्रतिनिधियों के प्रयास से जिलाधिकारी टिहरी ने भी शासन को रॉयल्टी माफी का प्रस्ताव भेजा था, जिसे कैबिनेट के समक्ष रखने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। हाल ही में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव (खनन) बृजेश कुमार संत तथा निदेशक (खनन) राजपाल लेघा से भी मिलकर मामले की वस्तुस्थिति से अवगत करा चुका है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार जनहित, छात्रहित तथा विश्वविद्यालय हित को ध्यान में रखते हुए इस गैर-लाभकारी केंद्रीय शिक्षण संस्थान को राहत प्रदान करेगी तथा आगामी कैबिनेट बैठक में 9.90 करोड़ की रॉयल्टी एवं अर्थदंड को माफ करने का निर्णय लिया जाएगा।

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