• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

डिजाइनर बस्तियों के साथ साथ सभ्यता एवं संस्कृति को भी आकार देते हैं : निशंक

Writer D by Writer D
18/01/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, मध्य प्रदेश, राजनीति, राष्ट्रीय
0
Dr. Ramesh Pokhriyal 'Nishank

Dr. Ramesh Pokhriyal 'Nishank

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ़ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा है कि हम सभी को यह, याद रखना चाहिए कि हमारे योग्य वास्तुकार, योजनाकार और डिजाइनर न केवल हमारी बस्तियों को आकार देते हैं बल्कि हमारी सभ्यताओं और संस्कृतियों को भी आकार देते हैं।

ये लोग विकास के दर्शन को लागू करने और उसे वास्तविक बनाने के लिए जमीन पर लोगों के साथ जुड़ते एवं सहयोग करते हैं।

डॉ़ निशंक ने आज यहाँ ऑनलाइन माध्यम से योजना एवं वास्तुकला विद्यालय (एसपीए), भोपाल, में नए शैक्षणिक भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास करते हुए कहा, “संस्थान के प्रतीक चिन्ह की तरह इस भवन का डिज़ाइन भी मालवा के मांडू में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के स्पाइरल जलधारा से प्रेरित है। मेरा मानना है कि इस भवन के निर्माण के माध्यम से न केवल इस संस्थान की वर्तमान और भविष्य की जरूरतें पूरी होंगी अपितु राष्ट्रीय शिक्षा नीति की परिकल्पनाओं को साकार करते हुए वास्तुकला स्टूडियो के निर्माण में भी सहायता प्राप्त होगी।”

उन्होंने शैक्षणिक ब्लॉक की संरचना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह भारतीय वास्तुकला की श्रेष्ठता को दर्शाती है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रभावों के माध्यम से भारतीय वास्तुकला पर गहरा असर पड़ा है। हमारे देश में स्मारकों और मंदिरों की भव्यता अपने युग की गाथा सुनाते हैं। यह आश्चर्य की बात है कि हमारे देश के भीतर कई स्थापत्य शैलियां हमें विरासत में मिली हैं।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने वेब सीरीज ‘तांडव’ के आपत्तिजनक दृश्य को हटाने की मांग की

उन्होंने एसपीए की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस संस्थान ने भारत की स्थापत्य शैली को आगे बढ़ाया है और इसको ‘कल्पना विश्वविद्यालय’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां सभी हितधारकों – छात्रों, शोधकर्ताओं, प्रोफेसरों और बड़े पैमाने पर समाज के बीच जिज्ञासा की भावना प्रबल होगी। एसपीए वास्तुकला योजना और डिजाइन के अनुशासन के माध्यम से सार्वभौमिक डिजाइन, संरक्षण तथा पर्यावरणीय जीविका, सांस्कृतिक जीविका और सामाजिक जीविका के लिए प्रयास करेगा।

डॉ़ निशंक ने कहा कि यह अत्यंत उत्साहजनक है कि कोविड के समय में भी एसपीए, भोपाल ने सौर ऊर्जा पैनल (249 किलोवाट) स्थापित कर के अपने कैंपस को ‘आत्मनिर्भर’ बनाया और साथ ही कैंपस की झीलों का जीर्णोद्धार करते हुए बांस के वृक्षारोपण के साथ सघन जल संचयन का संचालन भी किया है। निश्चय ही यह ‘कल्पना विश्वविद्यालय’ विकसित करने के उत्साह के कारण ही संभव हो पाया है।

उन्हों ने कहा, “एसपीए के पूर्व छात्रों ने न केवल संस्थान के ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम किया है, बल्कि भारत के पारंपरिक और समकालीन मूल्यों के प्रतिबिंब भी रहे हैं। ”

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए दिए 1,11,111 रुपए का चंदा

डॉ़ निशंक ने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि एसपीए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि एसपीए, भोपाल राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मंशाओं के अनुरूप योजना, वास्तुकला और डिजाइन के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ भारत और पूरी दुनिया में मौजूदा शिक्षण संरचनाओं को बढ़ा रहा है। संस्थान द्वारा शिक्षा नीति के साथ कदम-कदम मिलाकर चलने की इस प्रतिबद्धता की हम सराहना करते हैं।”

केंद्रीय मंत्री ने समावेशी और आत्मनिर्भर भविष्य के निर्माण के लिए सभी का आह्वान करते हुए कहा, “राष्ट्र-निर्माण और विकासात्मक लक्ष्यों की दिशा में योगदान देने हेतु भविष्य के पेशेवरों के रूप में छात्रों की एक विशेष भूमिका होगी इसके लिए यह आवश्यक है कि वे जमीनी तौर पर लोगों के साथ जुड़े, सहयोग करें तथा सीखें।

डॉ़ निशंक ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि आपको भारत की विभिन्न परंपराओं और संस्कृतियों की बौद्धिक संपदा से सीख लेनी चाहिए। साथ ही उभरते हुए शहरीकरण की चुनौतियों के समाधान के अलावा ग्रामीण विकास पर भी आपको अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। समावेशी विकास का प्रत्येक स्तंभ आपके ही हाथों से निर्मित होगा।

Tags: Dr Ramesh Pokhriyal Nishankmp newsNational news
Previous Post

बसपा सुप्रीमो मायावती ने वेब सीरीज ‘तांडव’ के आपत्तिजनक दृश्य को हटाने की मांग की

Next Post

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 101 जोड़ों का विवाह सम्पन्न

Writer D

Writer D

Related Posts

Garden
Main Slider

घर के गार्डन में घास-फूस हटाने के लिए आजमाए ये उपाय

17/05/2026
Love
Main Slider

प्यार के मामले में सबसे आगे होती है ये 4 राशि वाले, जानें कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

17/05/2026
Kundali
Main Slider

कुंडली के दोषों को इन उपायों से करें दूर

17/05/2026
Sawan
Main Slider

ऐसे करें रुद्राक्ष असली है या नकली

17/05/2026
Mint Face Pack
Main Slider

गर्मियों में भी स्किन रहेगी कूल, इससे मिलेगा ग्लो

17/05/2026
Next Post
101 couples get married

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 101 जोड़ों का विवाह सम्पन्न

यह भी पढ़ें

Lice

बालों में पड़ गईं हैं जूं, इन नुस्खों से पाएं निजात

20/09/2025
Jacqueline Farnandez

जैकलीन के आरोपों के बाद सुकेश चंद्रशेखर का आया रिएक्शन, व्हाट्सअप चैट पर दी ये सफाई

27/12/2023
Doctors

आज मनाया जा रहा है नेशनल डॉक्टर्स डे, जानें इस दिन का महत्व

01/07/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version