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7 दिन के एकांतवास पर निकले बागेश्वर महाराज, करेंगे ये काम

Dhirendra Shastri

Dhirendra Shastri

छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित बागेश्वर धाम से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Shastri) अपनी तीसरी पुस्तक ‘मेरा संन्यासी’ लिखने के लिए 7 दिसंबर से 7 दिवसीय एकांतवास पर रवाना हो गए हैं। महाराज ने धाम पर आयोजित दिव्य दरबार में भक्तों को जानकारी देते हुए बताया कि वे इस दौरान अपने दादा गुरु जी के गुरु ब्रह्मलीन तपोनिष्ठ पूज्य संन्यासी बाबा के जीवन, उनकी साधना, तपस्या और दिव्य अनुभूतियों पर आधारित पुस्तक लेखन करेंगे।

जानकारी के अनुसार, बागेश्वर महाराज (Dhirendra Shastri) अपने जीवन में इससे पहले दो पुस्तकें लिख चुके हैं, जिन्हें उन्होंने पिछले दो सालों में एकांतवास के दौरान ही पूरा किया था। प्रथम पुस्तक ‘सनातन धर्म क्या है’ में महाराज ने सनातन धर्म की परिभाषा, इसके ग्रंथ, उद्देश्य, कर्मकांड और जीवन जीने की सनातनी पद्धति का विस्तृत वर्णन किया है। द्वितीय पुस्तक ‘मल्टी-टैलेंटेड हनुमान’ हनुमान जी की भक्ति, साधना, शाबर मंत्र, सिद्ध प्रयोग और भक्तों के दिव्य अनुभवों को समर्पित है।

‘मेरा संन्यासी’ पुस्तक

यह पुस्तक हनुमान जी के प्रेरणादायी चरित्र को जीवन में उतारने का संदेश देती है। अब तीसरी पुस्तक ‘मेरा संन्यासी’ में बागेश्वर बाबा सन्यासी बाबा की जीवन यात्रा, उनके तप, चमत्कार, कृपा और एक पैर पर खड़े होकर सवा करोड़ हनुमान चालीसा पाठ जैसे अद्भुत प्रसंगों का वर्णन करेंगे। महाराज ने बताया कि सन्यासी बाबा को स्वयं हनुमान जी के दर्शन प्राप्त हुए थे। इन सभी दिव्य घटनाओं का संकलन इस नई पुस्तक में किया जाएगा।

यह पुस्तक संभवत आगामी कन्या विवाह महोत्सव या महाराज के जन्मोत्सव पर भक्तों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। पिछली दोनों पुस्तकें विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जहां से भक्त लगातार इन्हें मंगा कर पढ़ रहे हैं। ‘मेरा संन्यासी’ पुस्तक के लिखने की जानकारी देते हुए बागेश्वर महाराज ने दरबार में बताया कि वह संन्यासी बाबा पर पुस्तक लिख रहे हैं। इसलिए वह 7 दिवसीय एकांतवास के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह कहां रहेंगे, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं हैं।

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