• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

डिस्कॉम पर बिजली उत्पादक कंपनियों का 1.29 लाख करोड़ रुपये बकाया

Desk by Desk
13/09/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय
0
electricity generation

बिजली का उत्पादन

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) पर बिजली उत्पादक कंपनियों (जेनको) का बकाया जुलाई, 2020 में सालाना आधार पर 36 प्रतिशत बढ़कर 1.29 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह क्षेत्र में दबाव की स्थिति को दर्शाता है।  उत्पादकों और वितरकों के बीच बिजली के उत्पादन , बिलिंग , भुगतान एवं विश्लेषण में पादर्शिता लागने के लिए बने पोर्टल (पेमेंट रैटिफिकेशन एंड एनालिसिस इन पावर प्रोक्यूरमेंट फॉर ब्रिगिंग ट्रांसपेरेंसी इन इनवॉयसिंग ऑफ जेनरेटर्स) से यह जानकारी मिली है।

रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन बिहार व देश के लिए अपूरणीय क्षति: अश्विनी चौबे

जुलाई में 60 दिन की अनुग्रह अवधि के बाद बकाया 1,16,817 करोड़ रुपये था। एक साल पहले समान महीने में यह बकाया 75,411 करोड़ रुपये था। पोर्टल पर उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार जुलाई में कुल बकाया इससे पिछले महीने की तुलना में घटा है। जून, 2020 में डिस्कॉम पर कुल बकाया 1,30,118 करोड़ रुपये था। हालांकि, जुलाई, 2020 में भुगतान की अवधि समाप्त होने के बाद पुराना बकाया जून के 1,15,623 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़ा है।

बीआईएफ: एजीआर पर फैसले के बाद अब कंपनियां कारोबारी योजनाओं को बढ़ा सकती है आगे

बिजली उत्पादक डिस्कॉम को बिजली की आपूर्ति के बिलों का भुगतान करने के लिए 60 दिन का समय देते हैं। उसके बाद यह पुराना बकाया हो जाता है, जिसपर दंडात्मक ब्याज लिया जाता है। जेनको को राहत देने के लिए केंद्र ने एक अगस्त, 2019 से भुगतान सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसके तहत डिस्कॉम को बिजली आपूर्ति के लिए साख पत्र देना होता है।   केंद्र सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों को भी कुछ राहत दी है। कोविड-19 महामारी की वजह से डिस्कॉम को भुगतान में देरी के लिए दंडात्मक शुल्क को माफ कर दिया।

Tags: billingdiscomElectricityelectricity generationpaymentडिस्कॉमबिजलीबिजली का उत्पादनबिलिंगभुगतान
Previous Post

बीआईएफ: एजीआर पर फैसले के बाद अब कंपनियां कारोबारी योजनाओं को बढ़ा सकती है आगे

Next Post

मोबाइल टावर लगवाने की सोच रहे है तो हो जाएँ सावधान

Desk

Desk

Related Posts

Anand Bardhan reached the State Disaster Control Room
राजनीति

संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से हों आवश्यक प्रबन्धः मुख्य सचिव

29/08/2025
illegal gas refilling
क्राइम

आमवाला में अवैध गैस सिलेंडर रिफिलिंग पर छापेमारी, बड़ी मात्रा में सिलेंडर जब्त

29/08/2025
CM Vishnudev Sai
Main Slider

हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव

29/08/2025
CM Bhajan lal Sharma
राजनीति

पिछली सरकार ने युवाओं के साथ धोखा किया और पेपर लीक माफियाओं को संरक्षण दिया: सीएम शर्मा

29/08/2025
Rahul Gandhi
Main Slider

अब देश भाजपा का सच सुनेगा और फिर अपने मन की बात नरेंद्र मोदी को बताएगा: राहुल गांधी

29/08/2025
Next Post
mobile tower

मोबाइल टावर लगवाने की सोच रहे है तो हो जाएँ सावधान

यह भी पढ़ें

petrol-diesel

120 दिन के ब्रेक के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम पकड़ सकते है रफ्तार, इतनी हो सकती है कीमत

07/03/2022
Uttarakhand Gaurav Puraskar

CDS बिपिन रावत का निधन, हेलीकाप्टर क्रैश में पत्नी समेत 13 लोगों की मौत

08/12/2021
Madhur Bajaj

नहीं रहे बजाज ऑटो के पूर्व चेयरपर्सन, 63 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

11/04/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version