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उत्पन्ना एकादशी पर न करें ये काम, श्री हरि हो जाएंगे नाराज

Utpanna Ekadashi

Utpanna Ekadashi

उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) हर साल अगहन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाई जाती है, जिसे धार्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। इसी एकादशी से सभी एकादशी व्रत की शुरुआत की जाती है। इस बार उत्पन्ना एकादशी 15 नवंबर को पड़ रही है। अगर आप यह व्रत करने जा रहे हैं, तो आपको बताते हैं कि उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर क्या करना चाहिए?

– एकादशी से एक दिन पहले यानी दशमी तिथि पर सिर्फ सात्विक भोजन करना चाहिए।

– एकादशी पर सूर्योदय से पहले गंगाजल मिले जल से स्नान कर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।

– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और देवी एकादशी की पूजा करनी चाहिए।

– उत्पन्ना एकादशी पर शाम के समय तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं। लेकिन तुलसी को छूना नहीं चाहिए।

– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें और रात्रि में भजन-कीर्तन करते हुए जागरण करें।

– अगले दिन द्वादशी तिथि पर ब्राह्मणों को भोजन कराकर और दान देकर व्रत का समापन करें।

उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर कौन से काम नहीं करने चाहिए?

– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर चावल खाना या बनाना वर्जित होता है। साथ ही, इस दिन दालें (जैसे मटर, मसूर, चना) भी न खाएं।
– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर मांस, मछली, शराब, प्याज, लहसुन, पान और साधारण नमक का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) के दिन कांसे के बर्तन में भोजन करने से बचना चाहिए।
– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) का व्रत रखने के बाद दिन में सोने से बचना चाहिए।
– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर झूठ बोलना, क्रोध करना, बहस या झगड़ा करने से बचना चाहिए।
– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर बाल धोना, नाखून काटना, शरीर पर तेल लगाना या साबुन मलना भी वर्जित होता है।
– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, क्योंकि यह पवित्र माने जाते हैं।
– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर बिस्तर पर नहीं, बल्कि जमीन या चौकी पर सोना चाहिए।
– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) के दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
– उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) पर घर को गंदा नहीं रखना चाहिए, लेकिन पोंछा लगाने से बचना चाहिए।

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