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शिवलिंग पर इन चीजों को चढ़ाने से नाराज होते हैं शिव, ना करें सावन में ये गलती

Shivling

Shivling

सावन (Sawan) का पवित्र महीना जारी हैं और शिव मंदिरों में भक्तों का जमावड़ा लगा हुआ हैं। इन दिनों में शिव की पूजा कर सभी शिव का आशीर्वाद पाना चाहते हैं। लेकिन अनजाने में कई लोग कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिसकी वजह से उन्हें शिव की नाराजगी झेलनी पड़ती हैं। शास्त्रों में शिव पूजन से जुड़े कुछ नियम बताए गए हैं जिसके अनुसार कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं जिन्हें शिवलिंग (Shivling)  पर नहीं चढ़ाया जाना चाहिए। इन चीजों से किया गया शिवलिंग पूजन शिव को नाराज करता हैं। तो आइये जानते हैं इन चीजों के बारे में।

स‍िंदूर

श‍िवजी की पूजा करते समय ध्‍यान रखें क‍ि कभी भी स‍िंदूर न चढ़ाएं। हालांक‍ि स‍िंदूर अन्‍य देवी-देवताओं को अत्‍यंत प्र‍िय है। स‍िंदूर को लेकर कहा जाता है क‍ि हिंदू महिलाएं इसे अपने पति की लंबी उम्र के लिए लगाती हैं। वहीं, भगवान शिव संहारक के रूप में जाने जाते हैं इसलिए शिवलिंग पर स‍िंदूर नहीं चढ़ाया जाता है। धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार श‍िवजी को स‍िंदूर चढ़ाना अशुभ होता है।

शंख से जल

श‍िवल‍िंग (Shivling) पर भूलकर भी शंख से जल न चढ़ाएं। हालांक‍ि प्रत्‍येक पूजा में इसका प्रयोग क‍िया जाता है। देवी-देवताओं को इससे जल भी चढ़ाया जाता है। लेक‍िन भोलेनाथ की पूजा में शंख का प्रयोग नहीं क‍िया जाता है। श‍िवपुराण के अनुसार शंखचूड़ एक महापराक्रमी दैत्‍य था। उसका वध श‍िवजी ने किया था तो इसल‍िए शंख का जल शिव पूजा में न‍िषेध है। यही वजह है क‍ि भोलेनाथ को शंख से जल नहीं चढ़ाया जाता है।

हल्‍दी

हल्‍दी को सनातन धर्म में अत्‍यंत ही शुद्ध और पव‍ित्र मानते हैं। लेक‍िन यह हैरानी की ही बात है क‍ि इसे कभी भी भोलेनाथ पर नहीं चढ़ाते। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग (Shivling)  पुरुष तत्व का प्रतीक है और हल्दी स्त्रियों से संबंधित है। यही वजह है क‍ि भोलेनाथ को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है। कहा जाता है क‍ि अगर आप शिवजी की पूजा में हल्दी का प्रयोग करते हैं तो इससे आपकी पूजा बेकार हो जाती है और आपकी पूजा का फल नहीं मिल पाता है। इसलिए भूलकर भी शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए।

तुलसी

श‍िवलिंग (Shivling) पर कभी भी तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जालंधर नाम के असुर को अपनी पत्नी की पवित्रता और विष्णु जी के कवच की वजह से अमर होने का वरदान मिला हुआ था। अमर होने की वजह से वह पूरी दुनिया में आतंक मचा रहा था। ऐसे में उसके वध के लिए भगवान विष्णु और भगवान शिव ने उसे मारने की योजना बनाई। जब वृंदा को अपने पति जालंधर की मृत्यु का पता चला तो वह बहुत दुखी और क्रोध‍ित हो गई। इसी क्रोध में उसने भगवान शिव को शाप दिया कि उनके पूजन में तुलसी की पत्‍त‍ियां हमेशा वर्जित रहेंगी।

नार‍ियल पानी

श‍िवल‍िंग (Shivling) पर कभी भी नार‍ियल पानी नहीं चढ़ाना चाहिए। हालांक‍ि यहां यह स्‍पष्‍ट कर दें क‍ि शिवजी की पूजा तो नारियल से होती है लेकिन नारियल वर्जित है। शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली सारी चीज़ें निर्मल होनी चाह‍िए। यानी क‍ि जिसका सेवन ना किया जाए। नारियल पानी देवताओं को चढ़ाने के बाद ग्रहण किया जाता है इसीलिए शिवलिंग पर नारियल पानी चढ़ाना वर्जित है। लेकिन श‍िवजी की प्रत‍िमा पर नारियल चढ़ाया जा सकता है।

लाल रंग के फूल

श‍िवल‍िंग (Shivling) पर कभी भी लाल रंग के फूल, केतकी और केवड़े के फूल नहीं चढ़ाए जाते। मान्‍यता है क‍ि इन वस्‍तुओं को चढ़ाने से पूजा का फल नहीं म‍िलता है। ध्‍यान रखें क‍ि श‍िवजी को केवल सफेद रंग के फूल चढ़ाने चाहिए। इससे वे जल्दी प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा अपराज‍िता का नीला या फ‍िर सफेद जो भी पुष्‍प हो उसे जरूर चढ़ाएं। मान्‍यता है क‍ि यह अपराज‍िता श‍िवजी को अत्‍यंत प्र‍िय है। इसे चढ़ाने से वह अत‍िशीघ्र प्रसन्‍न होते हैं।

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