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होलिका दहन की रात करें ये उपाय, मनोकामनाओं की होगी पूर्ति

Holika Dahan

Holika Dahan

फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन (Holika Dahan) के समय किए गए कुछ पारंपरिक उपाय जीवन की बाधाओं को दूर करते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं। शास्त्रों में इन उपायों को बहुत प्रभावशाली माना गया है। 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को पड़ रहा है। आइए जानते हैं होलिका दहन की रात करने वाले 5 सबसे महत्वपूर्ण पारंपरिक उपाय और उनके शास्त्रीय महत्व।

1. विष्णु सहस्रनाम या नारायण कवच का पाठ

होलिका दहन (Holika Dahan) की रात भगवान विष्णु की पूजा से जुड़ा यह उपाय सबसे प्रमुख है। यदि जीवन में तमाम समस्याएं बनी हुई हैं और प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं मिल रहा है, तो होलिका दहन के समय विष्णु सहस्रनाम या नारायण कवच का पाठ करें। शास्त्रों में कहा गया है कि इस पाठ से भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न होकर सभी शोक, विघ्न और बाधाओं को दूर करते हैं। होलिका की अग्नि में यह पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा जलकर राख हो जाती है और जीवन में सुख-शांति का प्रवाह बढ़ता है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो लंबे समय से परेशानियों से जूझ रहे हैं।

2. ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ

यदि सिर पर कर्ज का बोझ बना हुआ है और लाख कोशिशों के बाद भी उससे मुक्ति नहीं मिल रही है, तो होलिका दहन की रात हनुमान जी की उपासना करें। शुद्ध देशी घी का दीया जलाकर हनुमान जी के सामने ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करें। शास्त्रों में इस स्तोत्र को कर्ज और आर्थिक बंधनों से मुक्ति दिलाने वाला बताया गया है। होलिका की पवित्र अग्नि में यह पाठ करने से मंगल दोष शांत होता है और आर्थिक संकट से राहत मिलती है। यह उपाय धन संबंधी परेशानियों को दूर करने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।

3. पीली सरसों और नमक से नजर उतारना

अगर आपको लगता है कि घर के किसी सदस्य या स्वयं पर किसी की बुरी नजर लग गई है, तो होलिका दहन की रात एक मुट्ठी पीली सरसों और थोड़ा नमक लेकर नजर लगे व्यक्ति पर एंटी-क्लॉकवाइज घुमाएं। फिर इसे कागज में लपेटकर होलिका की अग्नि में डाल दें। शास्त्रों में इस उपाय को नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा को जलाने वाला बताया गया है। यह सरल उपाय तुरंत प्रभाव दिखाता है और व्यक्ति के भाग्य में वृद्धि करता है। नजर उतारने के बाद होलिका की राख से तिलक लगाना भी बहुत शुभ माना जाता है।

4. चंद्र देवता को दूध से अर्घ्य

ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। अगर मानसिक अशांति, चिंता या चंद्र दोष की वजह से परेशानी है, तो फाल्गुन पूर्णिमा की रात चंद्र देवता का दर्शन करें। इसके बाद मिश्री मिले हुए दूध से चंद्रमा को अर्घ्य दें। शास्त्रों में इस उपाय को मन की शांति और चंद्र दोष निवारण के लिए सर्वोत्तम बताया गया है। होलिका दहन के बाद यह अर्घ्य देने से मानसिक तनाव दूर होता है और जीवन में स्थिरता आती है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो नींद या चिंता से परेशान रहते हैं।

5. होलिका दहन में गोबर की माला और लकड़ी डालना

होलिका दहन (Holika Dahan) के समय गाय के गोबर के उपलों से बनी माला (गुलरिया) चढ़ाना सबसे महत्वपूर्ण है। हर उपला परिवार के सदस्य के नाम से अग्नि में डाला जाता है। यह सुरक्षा कवच का प्रतीक है। साथ ही घर से लकड़ी का टुकड़ा लेकर होलिका में डालें। शास्त्रों में होलिका की अग्नि को बहुत पवित्र माना गया है। दहन के बाद परिक्रमा लगाकर सुख-समृद्धि की कामना करें। होलिका की राख से तिलक लगाने से स्वास्थ्य और सुख की प्राप्ति होती है। यह उपाय परिवार को एकजुट रखता है और पुरानी कड़वाहट को जलाकर नई शुरुआत का संदेश देता है।

होलिका दहन की रात ये उपाय करने से जीवन में नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। यह समय अपनी सोई हुई किस्मत को जगाने और मनोकामनाओं की पूर्ति का सबसे उत्तम अवसर है।

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