मोहनलालगंज सीएचसी से डॉक्टर नदारद, गर्भवती महिलाओं ने काटा हंगामा

गर्भवतीगर्भवती

मोहनलालगंज । मोहनलालगंज के सरकारी अस्पताल को भले ही एफआरयू का दर्जा प्राप्त हो, लेकिन प्रसूताओं के इलाज में यहां डॉक्टरों की मनमानी का खेल रोजाना चलता है। जिसके चलते शुक्रवार को अस्पताल से महिला डॉक्टर न होने से गर्भवती महिलाओ ने पर्चा फेंककर जमकर हंगामा काटा ।

दवाओं  से लेकर  डॉक्टरों का बना हुआ है टोटा,गर्भवती रामभरोसे

मोहनलालगंज के  सरकारी अस्पताल को प्रथम सन्दर्भन का दर्जा प्राप्त है, लेकिन दवाओं  से लेकर  डॉक्टरों का टोटा लगा हुआ है। जिसके चलते आये दिन हंगामा होता बावजूद इसके जिम्मेदार लापरवाह बने बैठे हैं  । मोहनलालगंज सीएचसी में दो जहां महिला डॉक्टर की तैनाती है। वहीं शुक्रवार को दोनों महिला डॉक्टर अस्पताल से गायब रही। इस कारण अस्पताल में पहले से भर्ती  गर्भवती रामभरोसे रही ।  किसको किस समय कौन सी दवा देनी है किसको डिस्चार्ज करना है यह सब किसके सहारे है ।

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मोहनलालगंज  सीएचसी के अधीक्षक हैं अव्यवस्था से अंजान

अधीक्षक को भी नहीं मालूम है। महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर क्या जिम्मेदारियां निभाई जा रही है।  बतातें चले कि क्षेत्र का एक मात्र सरकारी अस्पताल जिसको एफआरयू का दर्जा प्राप्त है बावजूद इसके यहां जरूरी दवाएं भी महीनों से नहीं है जिसके चलते आने वाले मरीजों  को बाहर से दवाई खरीदना मजबूरी हो गया है । वहीं शुक्रवार को अस्पताल में आशा बहु जब प्रसव से कराहती प्रसूता को सीएचसी में लेकर पहुंची।  तो डॉक्टर न मिलने से अस्पताल में मौजूद दर्जनों गर्भवती महिलाओं ने अस्पताल का बना सरकारी पर्चा फेंककर जमकर हंगामा काटा ।

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