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पीयूष जैन पर ED भी कसेगी शिकंजा, रडार पर है दुबई के फ्लैट सहित 300 करोड़ की प्रॉपर्टी

कानपुर के अरबपति इत्र कारोबारी पीयूष जैन के खिलाफ अब केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी का भी शिकंजा कसता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी पीयूष जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज करने की तैयारी में है।

दरअसल जिस तरह जीएसटी इंटेलिजेंस की अहमदाबाद यूनिट द्वारा फर्जी इनवॉइस और टैक्स चोरी से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पीयूष जैन की 257 करोड़ की नकदी और करोड़ों की जूलरी को बरामद किया गया था, उसके बाद इस मामले में इनकम टैक्स (Income Tax Raid) की इंट्री हुई। इनकम टैक्स की टीम भी बेनामी संपत्तियों की तलाश और टैक्स चोरी से जुड़े मामले की पड़ताल में जुट गई है।

ईडी मुख्यालय (ED Headquarter) के वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक अब इसी मामले को आधार बनाते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी भी इस मामले को टेकओवर करने वाली है। यानी जीएसटी इंटेलिजेंस द्वारा जो मामला दर्ज किया गया है, उसी केस के आधार पर आगे ईडी की टीम तफ़्तीश करेगी। हालांकि इस मामले में ईडी की टीम फिलहाल फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जब जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम छापेमारी के बाद तमाम बरामदगी और उससे जुड़े रिपोर्ट को तैयार करेगी, उसके बाद ईडी के साथ जीएसटी के अधिकारी द्वारा उसकी रिपोर्ट को साझा किया जाएगा। इनकम टैक्स (Income tax ) की टीम कई बेनामी संपत्ति के बारे में आगे तफ़्तीश कर रही है।

जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘हेड इंजरी’ लिखने से बदल गया मामले का ‘नेचर’

जीएसटी इंटेलिजेंस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान करीब तीन सौ करोड़ की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज की कॉपी भी बरामद की गई है। जिसे अब विभिन्न जांच एजेंसियां अपने तरीके से तफ़्तीश करेंगी। उन प्रोपर्टी को कैसे खरीदा गया? उन सभी प्रोपर्टी की अनुमानित बाजार मूल्य क्या है? क्या पीयूष जैन का किसी राजनीतिक दल या राजनीतिक हस्तियों के साथ विशेष कनेक्शन रहा है या उन राजनीतिक हस्ती के कालेधन (Black Money) को पीयूष जैन सफेद करने में जुटा था? इस तरह के कई सवालों का जवाब भी ढूंढने में जांच एजेंसी जुट गई है।

हालांकि बात अगर कन्नौज (Kannauj) की करें या कानपुर की करें, वहां पीयूष जैन या उसके परिजनों को जानने वाले उसे बेहद साधारण इंसान के तौर पर जानते हैं। कभी भी कोई राजनीतिक नेताओं के साथ या कार्यक्रम में ज्यादा नहीं देखा गया, हालांकि फिर भी तफ़्तीश हर एंगल से की जा रही है।

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