दो दिन इधर से उधर दौड़ने के बाद भी केजीएमयू में आठ साल के शिवम को नहीं मिला इलाज

शिवम्
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लखनऊ। केजीएमयू के डाक्टरों में संवेदनहीनता इस हद तक बढ़ गयी है कि आठ साल के मासूम शिवम को दो दिन तक स्ट्रेचर पर लेटाकर इधर से उधर दौड़ते रहे। बाद में बेड खाली न होने की बात कहकर शिवम को बिना इलाज के ही लौटा दिया। बाद में हालत बिगड़ती देख परिजन उसे निजी अस्पताल ले गये। तमाम चेकअप के साथ ही डॉक्टर एक से दूसरे विभाग में भेजते रहे। इधर-उधर भटकने के बाद बेड फुल होने का टका सा जवाब दे दिया गया। इस बीच हालत बिगड़ती देख तीमारदार मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल लेकर चले गए।

शिवम की दाहिनी आंख के ऊपर कटने के साथ ही चेहरे पर कई जगह लगी थी चोट

अंबेडकरनगर निवासी आठ साल के शिवम खेलते समय गंभीर रूप से चोटिल हो गया। दाहिनी आंख के ऊपर कटने के साथ ही चेहरे पर कई जगह चोट लग गयी। परिजन आनन फानन में उसे स्थानीय सरकारी अस्पताल ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। सोमवार को ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर डॉक्टरों ने दो बार सीटी स्कैन करवाने के साथ ही एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड समेत खून की कई जांच करवाईं। इसके बाद मेडिसिन विभाग भेज दिया गया।

सर्जरी विभाग में बेड खाली न होने की बात कह कर लौटाया

मेडिसिन विभाग पहुंचने पर डॉक्टरों ने विभाग का केस न बताते हुए कैजुअल्टी में भेज दिया, जहां से सर्जरी विभाग भेज दिया गया। सर्जरी विभाग में पहुंचने पर बेड खाली न होने की बात कहते हुए एक बार फिर कैजुअल्टी में भेज दिया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने मंगलवार को ओपीडी में दिखाकर सीधे वॉर्ड में भर्ती करवाने की सलाह दी गई। मजबूरी में तीमारदार पूरी रात मरीज को लेकर ट्रॉमा परिसर में सुबह होने का इंतजार करते रहे। सुबह नेत्र रोग विभाग पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्लास्टिक सर्जरी विभाग का रास्ता दिखा दिया। प्लास्टिक सर्जरी विभाग पहुंचने पर बेड खाली न होने की बात कहते हुए लौटा दिया गया।

किसी प्रकार की दिक्कत होने पर ट्रॉमा सेंटर के पीआरओ ऑफिस में सम्पर्क करें

हर तरफ से निराश होकर परिवारीजन वापस ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। कहीं कोई सुनवाई न होती देख मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल चले गए। इस पूरे मामले में केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. नरसिंह वर्मा ने कहा, ‘चोटिल बच्चे को भर्ती न करना गंभीर मामला है। इस सम्बंध में सभी विभागों से जानकारी मांगी जाएगी। गंभीर मरीजों को हर हाल में इलाज मुहैया करवाया जाएगा। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर तीमारदार ट्रॉमा सेंटर के पीआरओ ऑ

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