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नेपाल में चुनावी सरगर्मी बढ़ी, विनोद चौधरी ने पेश की रिपोर्ट कार्ड

सिद्धार्थनगर। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के
पश्चिम नवलपरासी क्षेत्र नं. १ में चुनावी सरगर्मी काफी बढ़ गई है। इस क्षेत्र से ‘हेवीवेट’ उम्मीदवार के रूप में चर्चित उद्योगपति एवं राजनीतिज्ञ विनोद चौधरी अपनी विरासत बचाने और अधूरे कार्यों को पूरा करने के इरादे से एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरे हैं।
अनुभवी नेतृत्व और विकास की पहल
इससे पहले प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते समय चौधरी ने जिले के भौतिक बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल करने का दावा किया है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अधर में लटके विकास निर्माण के योजनाओँ को सक्रिय बनाने के लिए संबंधित निकायों के साथ निरंतर पैरवी की थी।

विनोद चौधरी द्वारा कराए गए प्रमुख कार्यों

बुनियादी ढांचे में सक्रियता: बुटवल-नारायणगढ़ सड़क खंड और हुलाकी सड़क जैसे राष्ट्रीय गौरव के आयोजनों को गति देने तथा अन्य स्थानीय सड़क नेटवर्क के विस्तार में नेतृत्वदायी भूमिका।

स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान:  चिसापानी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर निर्माण की पहल। साथ ही, व्यक्तिगत रूप से चौधरी फाउंडेशन के माध्यम से चिसापानी अस्पताल, चौपत्ता सामुदायिक अस्पताल और सुस्ता स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्य सामग्री का सहयोग।

👉एजेंडे की प्राथमिकता: बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य
चुनावी मैदान में डटे चौधरी ने इस बार मुख्य रूप से बुनियादी ढांचा विकास को प्राथमिकता दी है। इस क्षेत्र में लंबे समय से रुके हुए या धीमी गति से चल रहे विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फिर से सुचारू कराने का दावा करते हुए उन्होंने उन योजनाओं को पूर्ण करने की प्रतिबद्धता जताई है।

चौधरी अपने चुनावी अभियान के दौरान पिछले कार्यों का ब्योरा सुनाते हुए अधूरी योजनाओं को पूरा करने का वादा कर रहे हैं। विनोद चौधरी कहते हैं कि, “नवलपरासी की मिट्टी को आर्थिक समृद्धि का केंद्र बनाने के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ।”

2079 के चुनावी नतीजे
साल 2079 के निर्वाचन में विनोद चौधरी ने इस क्षेत्र में 29, 519 मत प्राप्त कर विजय हासिल की थी। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी, नेकपा एमाले के समर्थन से चुनावी मैदान में उतरे जनता प्रगतिशील पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हृदयेश त्रिपाठी थे, जिन्हें 22, 328 मत मिले थे। इस बार भी इन दोनों दिग्गज नेताओं के बीच की प्रतिस्पर्धा को बड़ी दिलचस्पी के साथ देखा जा रहा है।

👍जनता की अपेक्षा और सचिवालय प्रबंधन
एक विशिष्ट उद्योगपति और व्यस्त नेता होने के कारण आम नागरिकों को उनसे सीधे मिलने में कठिनाई होने की शिकायतों को संबोधित करते हुए चौधरी ने जिले में एक अलग सचिवालय की स्थापना की है। इस सचिवालय के माध्यम से वे जनता के काम-काज और शिकायतों का समाधान कर रहे हैं, जिससे मतदाताओं और सांसद के बीच की दूरी कम हुई है।

स्थानीय मतदाता भी विकास के प्रति जुनूनी नेता की तलाश में हैं। स्थानीय मतदाता सरोज थापा कहते हैं— “हमें बातों के बजाय काम करने वाले नेता की जरूरत है। विकास के प्रति उनका उत्साह हमें आशावादी बनाता है।”

अपने राजनीतिक अनुभव और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने के कारण विनोद चौधरी इस क्षेत्र में एक मजबूत उम्मीदवार के रूप में देखे जा रहे हैं।

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