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साढ़ेसाती में भी दिन, रात बीतेगा शानदार, ये उपाय आजमाकर तो देखिए

शनि महाराज 24 जनवरी को सुबह 9 बजकर 53 मिनट से अपनी राशि मकर संचार करेंगे। शनि के इस राशि में आने से कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती शुरू हो जा रही है। धनु और मकर राशि के लोग पहले से ही इसके प्रभाव में हैं। इनके अलावा भी कई राशियों के लोग शनि के गोचर से विपरीत प्रभाव का सामना कर सकते हैं। ऐसे में शनि महाराज के कोप की शांति के लिए ज्योतिशास्त्र में बताए गए बेहद खास उपायों को आपको आजमाना चाहिए, इनसे अशुभ शनि भी आपके लिए शुभ बन जाएंगे।

मानसिक तनाव अधिक हो तो

यदि किसी को मानसिक तनाव अधिक हो तो इसके पीछे शनि का प्रकोप माना जा सकता है। यदि कोई व्‍यक्ति ऐसी समस्‍या से जूझ रहा हो तो उसे शनि मंत्र ‘ऊं प्रीं प्रां प्रौं स: शनैश्‍चराय नम:’ का जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप व्‍यक्ति अपनी इच्‍छानुसार 11, 21, 51 और 108 बार कर सकता है।

साढ़ेसाती से परेशान हों तो

यदि किसी व्‍यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती चल रही हो तो उसे 1-14 मुखी रुद्राक्ष माला धारण करनी चाहिए। इससे शनिदेव के प्रकोप से राहत मिलती है। इसके अलावा प्रतिद‍िन शनि देव के चरणों के दर्शन करने से भी शनि प्रकोप से मुक्ति मिलती है।

आर्थिक कष्‍ट से मुक्ति पानी हो तो

शनि दोष के चलते यदि किसी को लगातार आर्थिक कष्‍ट का सामना करना पड़ रहा हो तो उसे नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा गुरुवार के दिन गाय को आटे के पेड़े पर हल्‍दी लगाकर खिलाएं। इसके अलावा गुड़ और चने की दाल खिलाएं। कहा जाता है इससे शनि दोष से राहत मिलती है।

व्‍यापार में समस्‍या आ रही हो तो

शनि के प्रकोप के चलते कई बार व्‍यापार में भी समस्‍या आती है। यदि आपके साथ भी ऐसा हो रहा हो या फिर आपके सहयोगियों से आपको परेशानी हो रही हो तो कार्यालय परिसर में काली राई डाल दें। इसके अलावा लाभ न हो रहा हो तो कम से कम 16 छुहारे लाल कपड़े में बांधकर मंदिर में रखें। इससे व्‍यापार में हो रही हानि से छुटकारा मिलता है।

नौकरी में परेशानी हो तो

यदि कोई व्‍यक्ति सरकारी नौकरी में हो और उसे तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो तो उसे प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। लेकिन सुंदरकांड के पाठ की शुरुआत करते समय इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि शनिवार से पाठ शुरू करें और शुक्रवार को उसका समापन करें। ऐसा नियमित रूप से करने पर नौकरी में आ रहीं बाधाएं खत्‍म हो जाती हैं।

अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए

शनि के प्रभाव के चलते कई बार लोगों को कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नियमित रूप से सूर्योदय को गायत्री मंत्र का उच्‍चारण करते हुए अर्घ्‍य दें। इसके साथ ही सात बार परिक्रमा करें और मन ही मन प्रणाम करते हुए अपनी तकलीफ के निवारण की प्रार्थना करें।

विवाह में बाधा आ रही हो तो

शनि दोष के चलते कई बार शादी-ब्‍याह में भी दिक्‍कतें होती हैं। इससे राहत पाने के लिए गणपति, लक्ष्‍मी, भैरव और हनुमान जी की संयुक्‍त रूप से आराधना करें। कहा जाता है कि ऐसा करने से शनि दोष खत्‍म हो जाता है। साथ ही शादी के योग बनने लगते हैं।

शनि शांति के अन्‍य उपाय

शनि ग्रह का प्रकोप शांत करने के लिए शनिवार के दिन मंदिर में सरसों के तेल का दान करें। इसके आलवा संकटमोचक हनुमान स्‍तोत्र, हनुमानाष्‍टक, हनुमान मंत्र, बजरंग बाण और पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ कर सकते हैं। इसके अलावा हनुमान मंदिर में प्रत्‍येक मंगलवार और शनिवार को श्री हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।

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