• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

छोटी कंपनियों में निवेश आने से ऊंचे रिटर्न की उम्मीद

Desk by Desk
13/09/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मल्टीकैप म्यूचुअल फंड के लिए संपत्ति आवंटन नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत ऐसे कोषों को अपने कोष का कम से कम 75 प्रतिशत शेयरों में निवेश करना जरूरी होगी। अभी यह सीमा 65 प्रतिशत है। सेबी ने सर्कुलर में कहा है कि इसके अलावा इस तरह के कोषों को बड़ी, मध्यम और छोटी बाजार पूजी वाली कंपनियों के शेयर और संबंधित प्रतिभूतियों में प्रत्येक में कम से कम 25 प्रतिशत का निवेश करना होगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादों हल करने के लिए सिंगापुर मध्यस्थता संधि लागू

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से 30,000 से 40,000 करोड़ रुपये बड़ी बाजार पूंजी वाली कंपनियों के शेयरों से निकल मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में चली जाएंगी। नियामक ने कहा कि सभी मल्टीकैप फंड को एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) द्वारा शेयरों की अगली सूची प्रकाशित होने की तारीख से एक माह के भीतर इन प्रावधानों का अनुपालन पूरा होगा। यह तारीख जनवरी, 2021 है।

सेबी ने कहा कि मल्टीकैप कोषों के निवेश को लार्ज, मिड और स्मॉलकैप कंपनियों में विविधीकृत करने के उद्देश्य से मल्टीकैप फंड योजना में कुछ संशोधन किया गया है। अभी मल्टीकैप फंड को अपनी कुल परिसंपत्तियों का 65 प्रतिशत शेयर और संबंधित प्रतिभूतियों में निवेश करना होता है।

परिवहन के वाहनों में उत्सर्जन के मानक और सुरक्षा उपाय लागू करने की प्रक्रिया सख्त

मल्टीकैप फंड में निवेश पर ऊंचा रिटर्न मिलने की संभावना रहेगी। स्मॉल कैप लॉर्ज कैप की तुलना में ज्यादा रिटर्न देते हैं लेकिन अनुपात कम होने से निवेशकों को ऊंचा रिटर्न नहीं मिल पाता है। बाजार नियामक ने स्पष्ट किया है कि विविधता के लिए ऐसा किया है। अब 25 फीसदी की समान हिस्सेदारी होने से म्यूचुअल फंड स्मॉल, मिड और लॉर्ज कैप को बराबर तरजीह देंगे।

Tags: CompaniesLarge CapMid CapMulticap Fund SchemeMutual Fund InvestmentssebiSecurities and Exchange Board of IndiaSmall Capकंपनियांभारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्डम्यूचुअल फंड निवेशसेबी
Previous Post

परिवहन के वाहनों में उत्सर्जन के मानक और सुरक्षा उपाय लागू करने की प्रक्रिया सख्त

Next Post

बिहार के कॉलेजों में प्रवेश के लिए नीट 2020 की कट ऑफ सूची की जाएगी जारी

Desk

Desk

Related Posts

Chardham Yatra
राजनीति

चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 20 लाख के करीब पहुंचे श्रद्धालु

23/05/2026
CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी बोले-देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं होने देंगे, कानून से ऊपर कोई नहीं

22/05/2026
Bhojshala
Main Slider

भोजशाला में 721 वर्ष बाद शुक्रवार को हुई महाआरती, वाग्देवी की प्रतिमा रखकर किया पूजन

22/05/2026
CM Dhami
राजनीति

फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार पदों पर होगी नई नियुक्तियां: मुख्यमंत्री

22/05/2026
Savin Bansal
राजनीति

जिला प्रशासन की दर से नहीं लौटता कोई खाली, सब जगह से थकहार संजीव पहुंचा था डीएम द्वार

21/05/2026
Next Post
Neet cutt off

बिहार के कॉलेजों में प्रवेश के लिए नीट 2020 की कट ऑफ सूची की जाएगी जारी

यह भी पढ़ें

अजय कुमार लल्लू  Ajay Kumar Lallu

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत 160 के खिलाफ वाराणसी में एफआईआर

01/09/2020
House

इस तरह की भूमि पर न बनवाएं घर, बढ़ जाएगी परेशानियाँ

15/07/2025
Neha Sharma

‘मेरा गोण्डा मेरी शान’ अभियान की हुई शुरुआत, डीएम ने हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ

01/08/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version