दारुल उलूम देवबंद का अजीब फ़तवा, मुस्लिम महिलाओं को बाहर जाकर चूड़ियाँ पहनने से मनाही

दारुल उलूमदारुल उलूम

सहारनपुर। दारुल उलूम देवबंद ने मुस्लिम महिलाओं पर एक अजीब फतवा जारी किया है। दारुल के फतवे में मुस्लिम महिलाओं का बाजारों में जाकर किसी पुरुष चूड़ी दूकानदार से चूड़ी पहनने को नाजायज बताया है। बता दें कि देवबंद उत्तरप्रदेश के सहारनपुर का एक क़स्बा है। जहां के एक शख्स अहमद गौड़ ने दारुल के इफ़्ता विभाग को एक पत्र लिखकर मुस्लिम औरतों का बाहर जाकर गैर मर्दों से चूड़ियाँ पहनने पर सवाल खड़ा किया है। जिसके बाद से मुफ्तियों ने ऐसा फ़तवा जारी किया है।

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दारुल उलूम देवबंद का अजीब फ़तवा

सहारनपुर के क़स्बा देवबंद से मुस्लिम महिलाओं पर पाबंधी का एक नया फ़तवा जारी किया गया है। यहाँ के मुफ्तियों ने कहा है कि मुस्लिम महिलाओं का बाहर बाजार में जाकर किसी गैर मर्द के से चूड़ी पहनना नाजायज है। साथ ही किसी मुस्लिम महिला को चूड़ी पहनने वाले दूकानदार को भी गलत बताया गया है। इसी कस्बे के एक शख्स अहमद गौड़ ने दारुल में इफ़्ता विभाग को पत्र लिखकर इस मुददे को उठाया है। जिसके बाद से ही महिलओं के नाम यह फ़तवा बहाल कर दिया गया है।

चूड़ियाँ
चूड़ियाँ

क्या कहता है इस्लाम

चूड़ी पहनने के मामले को इस्लाम के ग्रंथ या इस्लामिक शरीयत में भी जिक्र है। जहां लिखा है कि मुस्लिम महिला का हर उस शख्स से पर्दा होता है जिससे उसका खून का रिश्ता नहीं होता है। दारुल के मुफ्तियों ने भी इस्सी दलील के आधार पर यह फ़तवा जायर किया है। मुस्लिम संगठनों का इस फतवे के प्रति कितना समर्थन होता है यह जानने लायक है।

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