बुंदेलखंड में आसमान से बरसी आग, हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया

बुंदेलखंडबुंदेलखंड

बांदा। उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड में मंगलवार को भी आसमान से आग बरसी। बांदा का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। इस आसमानी आग से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और पेयजल का भारी संकट पैदा हो गया है।

बुंदेलखंड में अगले 48 घंटों तक तापमान में गिरावट की संभावना नहीं

मौसम विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक बांदा, महोबा और हमीरपुर जिलों में मंगलवार को दूसरे दिन भी अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। बीते सोमवार को भी इन जिलों में तापमान इतना ही था। अगले 48 घंटों तक तापमान में गिरावट की संभावना नहीं है।

ये भी पढ़ें :-दिल्ली, यूपी, हिमाचल में मौसम अलर्ट, बारिश के साथ आ सकती है धूल भरी आंधी 

हैंडपंपों के जवाब दे जाने से लोग गड्ढा खोद कर कंडैली नाला का गंदा पानी पीने को मजबूर लोग

हालांकि बुंदेलखंड में पेयजल का संकट नया नहीं है। अधिकारी समस्या के समाधान के हर संभव उपाय किए जाने का भरोसा दे रहे हैं।इस भीषण गर्मी में सबसे बुरे दिन फतेहगंज क्षेत्र के जंगली इलाके में बसे गोबरी, गोड़रामपुर, गोड़ी बाबा का पुरवा, बिलरिया मठ, बघोलन, कुरुहूं और मवासी डेरा गांवों में बसे करीब एक हजार वनवासी परिवारों के हैं, जहां हैंडपंपों के जवाब दे जाने से लोग गड्ढा खोद कर कंडैली नाला का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। वनवासी युवक गुलाब ने बताया कि पिछले तीन सप्ताह से यहां के वशिंदे नाला और जोहड़ों का पानी पी रहे हैं। अधिकतर हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है।

गांवों में लगे सरकारी हैंडपंपों को दुरुस्त करने के लिए खंड विकास अधिकारियों को कड़े निर्देश

बांदा के अपर जिलाधिकारी गंगाराम गुप्ता ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट से निपटने के लिए जल संस्थान और जल निगम को सचेत कर दिया गया है और जगह-जगह मुफ्त प्याऊ की व्यवस्था की गई है। गांवों में लगे सरकारी हैंडपंपों को दुरुस्त करने के लिए खंड विकास अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।

loading...
Loading...

You may also like

किसानों के आंदोलन की वजह से गयी सरकार- राकेश टिकैत

रामपुर। पूरे मुल्क में किसानों का क़र्ज़ सबसे