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जम्मू-कश्मीर पर परिसीमन आयोग की पहली आंतरिक बैठक कल

Delimitation Commission on Jammu and Kashmir

Delimitation Commission on Jammu and Kashmir

जम्मू कश्मीर की संसदीय व विधानसभा सीटों के क्षेत्रों के पुनर्निधारण की जिम्मेदारी संभालने वाले परिसीमन आयोग की बुधवार को आंतरिक बैठक होगी।

राजधानी दिल्ली में सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक में राजनीतिक दलों के साथ जल्द विचार-विमर्श की योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में परिसीमन आयोग अध्यक्ष रंजना देसाई, सदस्य और मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा और परिसीमन के काम से जुड़े दूसरे अधिकारी शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह जम्मू कश्मीर के मुख्य धारा के राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक में जोर दिया था कि परिसीमन की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा जिससे केंद्र शासित क्षेत्र में चुनाव हो सकें।

जम्मू कश्मीर पर परिसीमन आयोग जम्मू कश्मीर राज्य से जुड़े सभी दलों की बैठक बुलाने पर चर्चा करेगा। इसके अलावा बैठक में ये भी चर्चा होगी कि सर्वदलीय बैठक दिल्ली में आयोजित की जाए या फिर जम्मू कश्मीर में। सर्वदलीय बैठक में दलों को बुलाने का आधार क्या हो ये भी बैठक में तय किया जाएगा। बैठक में आगे का रास्ता भी तय किया जाएगा कि परिसीमन आयोग आगे कैसे परिसीमन की कार्यवाही को अंजाम दे।

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उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय परिसीमन आयोग का गठन पिछले साल फरवरी में किया गया था। यह पूर्व निर्धारित एक साल के समय में अपना काम पूरा नहीं कर सका और उसे अब एक और साल का विस्तार दिया गया है।

आयोग के सहायक सदस्यों जैसे जम्मू कश्मीर के लोकसभा सदस्यों के साथ उसकी पूर्ण बैठक जल्द ही होने की उम्मीद है। इस बैठक के लिये तारीख भी बुधवार को होने वाली बैठक में तय की जाएगी।

प्रधानमंत्री की बैठक से ठीक एक दिन पहले परिसीमन आयोग के सचिवालय ने जम्मू कश्मीर के 20 ज़िलों के ज़िलाधिकारियों के साथ 5-5 के समूह में वर्चुअल बैठक की थी। बैठक में जम्मू कश्मीर में व्यवहारिक तौर पर 90 सीटो के जिलेवार सीमांकन पर चर्चा हुई. हालांकि धारा 370 हटने के बाद नए कानून के मुताबिक जम्मू कश्मीर राज्य में कुल विधानसभा सीटों की संख्या 107 से बढ़ाकर 114 कर दी गई है लेकिन 24 सीटें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हैं इसलिये 90 सीटों पर ही अभी परिसीमन होगा।

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कश्मीर घाटी से पिछली बार तीनों लोकसभा सीटें जीतने वाले राज्य के मुख्यधारा के दल नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पूर्व में आयोग की बैठकों से दूर रहने का फैसला किया था और दलील दी थी कि इस चरण में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन की कोई जरूरत नहीं है।

हालांकि ऐसे संकेत हैं कि पार्टी इस पर पुनर्विचार कर रही है और उसने हाल में यह तय करने के लिए पार्टी अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला को अधिकृत किया है कि आयोग की चर्चाओं में हिस्सा लिया जाए या नहीं।

प्रधानमंत्री ने 24 जून को जम्मू कश्मीर के 14 राजनेताओं के साथ करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक के बाद किए गए सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, “हमारी प्राथमिकता जम्मू कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना है। परिसीमन की प्रक्रिया तेजी से की जाएगी जिससे चुनाव हो सकें और जम्मू कश्मीर को निर्वाचित सरकार मिल सके जिससे यहां के विकास को मजबूती मिले।”

ऐसे संकेत हैं कि केंद्र वहां जल्द विधानसभा चुनाव कराने का इच्छुक है। ऐसी उम्मीद है कि चुनाव अगले छह से नौ महीनों में हो सकते हैं।

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