हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में फर्नीचर शॉप (Furniture Shop) में लगी आग में पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई है। करीब 22 घंटे चले रेस्क्यू के बाद पुलिस ने बिल्डिंग के बेसमेंट से 5 शव बरामद किए गए हैं। रेस्क्यू टीम ने 6 घंटे में आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन काफी ज्यादा धुएं के कारण अंदर दाखिल होने मुश्किल था। इसी के चलते शव को बरामद करने में काफी समय लगा। मृतकों में 2 बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद से ही मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में स्थित चार मंजिला फर्नीचर की दुकान (Furniture Shop) शनिवार दोपहर अचानक आग गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर बिग्रेड सहित अन्य रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई। बेसमेंट से उठी लपटें देखते ही देखते ही ऊपर की तरफ उठने लगी। कुछ ही देर में इमारत का एक बड़ा हिस्सा धू-धू कर जलने लगा। इस दौरान बेसमेंट में 5 लोग फंसे हुए थे, उन्हें बचाने की टीम बहुत ही तत्परता से काम कर रही थी। हालांकि, आग बुझाने रेस्क्यू टीम के लिए काफी आसान नहीं था।
22 घंटे में पूरा हुआ रेस्क्यू
फर्नीचर की दुकान (Furniture Shop) में मौजूद लकड़ियों तेजी से चल रही थी। इस कारण आग बुझाने में पाने में काफी दिक्कतें आईं। करीब 6 घंटे बाद फायर बिग्रेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया। बावजूद इसके टीम बिल्डिंग में दाखिल नहीं हो पाई, क्योंकि इस दौरान इमारत में धुआं भरा हुआ था। 22 घंटे रेस्क्यू चलने के बाद रविवार सुबह स्थिति नार्मल होने पर जब रेस्क्यू टीम अंदर दाखिल हुई तो उन्होंने बेसमेंट से 5 शव बरामद किए हैं।
2 बच्चों सहित जिंदा जल गए पांच लोग
शवों को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया अस्पताल के मुर्दाघर में भेजा है। मृतकों की पहचान, बेबी (45), अखिल (11), पणीत (8), इम्तियाज (28), और हबीब (32) के तौर पर हुई है। हबीब फर्नीचर दुकान के मालिक का ड्राइवर था। फायर DG विक्रम सिंह मान ने बताया किफर्नीचर के साथ-साथ बेसमेंट में रेक्सिन और कुछ केमिकल भी रखे थे। बिल्डिंग मालिक ने नियमों का उल्लंघन करके इन्हें अवैध रूप से रखा था।
उसने इन सामानों की देखभाल के लिए चौकीदार के परिवार की महिलाओं और बच्चों को बेसमेंट में रखा था। हम इस बड़ी दुर्घटना और इतने सारे लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार बिल्डिंग मालिक के खिलाफ केस दर्ज करेंगे।








