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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अब विदेशी छात्र ले सकेंगे दाखिला

नई दिल्ली| जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में विदेशी मूल का छात्र भी दाखिला ले सकेंगे। इस सम्बंध में जेएनयू आकादमिक परिषद ने फैसला लिया है। जेएनयू आकादमिक परिषद की बैठक  22 जून को आयोजित की गयी। जिसमें इस सम्बंध में प्रस्ताव रखा गया था।  परिषद ने विदेशी छात्रों के दाखिला से स्कूल के अंतरराष्ट्रीयकरण होने के विचार से प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

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15 फीसद सीटें विदेशी छात्रों के लिए

अकादमिक परिषद के फैसले के तहत शैक्षणिक सत्र 2020-21 से के स्कूल ऑफ इंजीनियंरिग की 15 फीसद सीटों  विदेशी छात्रों के लिए सुनिश्चित की हैं । वहीं इस पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम योग्यता निर्धारित तय करने के लिए जेएनयू मानव संसाधन विकास मंत्रालय के डायरेक्ट एडमिशन फ्रांम एब्रॉड यानि डीएएसए स्कीम का सहारा लेगा। डीएएसए स्कीम में स्क्रीनिंग और प्रवेश मुख्य रूप से एसएटी विषयों के अंकों (गणित स्तर-2, भौतिकी और रसायन विज्ञान) पर आधारित होता है। हालांकि महामारी की वजह से प्रवेश प्रक्रिया में देरी हो रही है यह सितम्बर में शुरू होने की उम्मीद है। उम्मीदवार पात्रता मानदंड, शुल्क और प्रवेश प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी बेवसाइट से जुटाई जा सकती हैं।

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जेएनयू के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में विदेशी छात्रों के लिए सीटें सुनिश्चित करने के फैसले पर कुलपति एम. जगदेश कुमार ने कहा कि एक नए तरह का इंजीनियरिंग प्रोग्राम जेएनयू में केंद्रित किया जा रहा है। अंतराष्ट्रीय छात्रों (ओसीआई और पीआईओ) सहित विशेष रूप से उन विदेशी नागरिकों को इस अवसर का अत्यधिक फायदा होगा जो दिल्ली एनसीआर या देश के अन्य हिस्सों में रहते हैं।

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