आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब गंवाने के बाद टीम इंडिया को अब इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। सीरीज का पहला टेस्ट मैच 4 अगस्त से शुरू होगा। डब्ल्यूटीसी में भारतीय बल्लेबाजों के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद टीम में कई बड़े फेरबदल होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। इंग्लिश कंडिशंस में टीम इंडिया के बल्लेबाजों के सामने खुद को साबित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
हालांकि, जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड की हवा में लहराती गेंदों से पार पाना भारतीय बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने बल्लेबाजों को टेस्ट सीरीज में ना घबराने की सलाह दी है। उन्होंने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि टेस्ट मैचों के दौरान पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतर होगी।
गावस्कर ने ‘टेलीग्राफ’ के लिए लिखे अपने कॉलम में कहा, ‘भारतीय बल्लेबाजों को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगस्त-सितंबर में इंग्लैंड में धूप खिली रहती है जिसकी वजह से पिच सूखी रहेगी और पूरे सम्मान के साथ, अगर जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड अगर अपने पहले स्पैल में विकेट चटकाने में नाकाम रहे तो वह अगले स्पैल में संघर्ष करेगे।
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भारत के लिए इंग्लिश समर की शुरुआत निराशाजनक रही है, लेकिन जब निराशा ढढ़ संकल्प को फ्यूल देती है तो भाग्य बदल जाता है और इसी तरह का रवैया ही प्रतिभाशाली टीम को बनान होगा ताकि वह इसको एक इंडियन समर बना सके।’
क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में भारतीय टीम का रिकॉर्ड इंग्लैंड में काफी निराशाजनक रहा है। साल 2018 के दौरे पर विराट कोहली की अगुवाई में टीम को पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 4-1 से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, 2014 में टीम को इंग्लिश टीम के हाथों 3-1 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। टीम इंडिया ने इंग्लैंड को हाल ही में घरेलू टेस्ट सीरीज में 3-1 से रौंदा था और टीम कुछ ऐसा ही प्रदर्शन उनके घर में भी करना चाहेगी।