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पारिवारिक विवाद में बेटा बना दरिंदा, चार को कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतारा

Murder

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बहराइच जिले के रुपईडीहा के रामनगर गांव में रविवार रात करीब 1:30 बजे पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। संपत्ति के मामले को लेकर शुरू हुई कहासुनी के दौरान पुत्र ने कुल्हाड़ी से हमला कर माता-पिता, दादी और बहन को मौत (Murder) के घाट उतार दिया। चीख पुकार सुनकर पहुंचे बड़े भाई ने विरोध किया तो उस पर भी छोटे भाई ने हमला कर घायल कर दिया। संघर्ष में हमलावर भाई भी घायल हुआ है।

ग्रामीणों की सूचना पर चौकी प्रभारी बाबागंज शिवेश कुमार शुक्ला व 112 पुलिस टीम रात में ही मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा भिजवाया। वहां चिकित्सकों ने दादी शीतला देवी (82), पिता बदलूराम (62), मां संजू देवी (60) तथा बहन पार्वती (35) को मृत घोषित कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल गुरुदेव (33) तथा निरंकार (27) को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। निरंकार की हालत नाजुक देखते हुए उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया है।

भोर में ही थाना प्रभारी आरएस रावत, क्षेत्राधिकारी पहुप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी तथा पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि हर पहलू से जांच की जा रही है।

फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। घर के भीतर खून के निशान और टूटी-फूटी वस्तुएं बिखरी मिलीं। घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी घर के बाहर से बरामद की गई है। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार परिवार में पिछले कुछ समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी और बंटवारे को लेकर अक्सर विवाद होते रहते थे। हालांकि पुलिस ने किसी भी अटकल से बचने की अपील करते हुए कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।

पारिवारिक कलह को लेकर हुई चार हत्याओं के बाद एकमात्र सदस्य गुरुदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा में भर्ती हैं। जबकि उनका हमलावर छोटा भाई निरंकार ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस को गुरुदेव ने बताया कि बीते 4 साल से निरंकार संपत्ति के मामले को लेकर पिता पर आरोप मढ़ता रहता था। किसी न किसी बहाने आए दिन मारपीट करता रहता था। 4 साल पूर्व उसकी पत्नी भी इसी कलह के चलते छोड़कर चली गई थी। पत्नी के छोड़कर जाने के बाद से निरंकार और निरंकुश हो गया। बात-बात पर परिजनों को पीटना उसका शगल बन गया।

गुरुदेव का कहना है कि रात में 1:00 बजे के आसपास निरंकार ने संपत्ति के मामले को लेकर फिर पिता पर अनर्गल आरोप लगाने शुरू किया इसके बाद परिजनों में कहासुनी हुई कहासुनी के दौरान ही उसने घर के कोने में रखी कुल्हाड़ी से एक-एक कर सभी पर हमला कर दिया इसके बाद कुल्हाड़ी लेकर बाहर निकला।

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