नलकूप चालक भर्ती : पांच लाख रुपया में की जा रही थी ओएमआर शीट भरवाकर भर्ती

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नलकूप चालक भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (upsssc) दुवारा आज (शनिवार) को आयोजित की जा रही नलकूप चालक भर्ती की लिखत परीक्षा में हो रही धांधली का एसटीएफ ने पर्दा उठाया, जिसमें कारवाई करते हुए एसटीएफ ने मेरठ से प्रिंसिपल समेत चार युवकों को गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ को जानकारी मिली कि इस परीक्षा में पांच-पांच लाख रुपया लेकर परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को किसी स्थान पर ओएमआर शीट भरवाकर भर्ती कराने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। इसके बाद एसटीएफ ने घेराबंदी कर दी। मेरठ में एक स्कूल के प्रिंसिपल समेत चार अभियुक्तों को इस टीम ने गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की।

एसटीएफ ने योगेश कुमार (प्रधानाचार्य) पुत्र श्री राम सिंह निवासी ग्राम वसुंधरा विहार (आवास विकास) थाना कोतवाली, बिजनौर। अजय सिंह पुत्र रणवीर सिंह निवासी शिवपुरी, सिविल लाइन2, थाना कोतवाली, बिजनौर। सौरभ चौधरी पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासी मोहम्मद बुखारा पानी की टंकी के पास थाना कोतवाली, बिजनौर। आनंद कुमार निवासी ग्राम मुकरपुर खेमा (खेमा) थाना कोतवाली, बिजनौर को गिरफ्तार किया है।

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इनके पास से पांच मोबाइल फोन, 15 प्रवेश पत्र, दस ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी, एक कार, 6400 रुपया, एक पेन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस तथा उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का पहचान पत्र मिला है।

एसटीएफ ने नलकूप चालक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी से एक लाख रुपये लेकर उसकी जगह परीक्षा देकर भर्ती कराने वाले अभियुक्त प्रदीप को थाना सदर बाजार मेरठ से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। प्रदीप कुमार पुत्र राजपाल, निवासी ग्राम कैली, मेरठ को हैदर अली रोल नम्बर 00170350 के स्थान पर परीक्षा देते समय गिरफ्तार किया गया है।

उत्तर प्रदेश में अब परीक्षा में धांधली एक आम बात हो गई है यहाँ परीक्षा से पहले ही पेपर हल हो जाते है बाज़ारों में कुछ पैसों में आसानी से पेपर सोल्वर भी मिल जाते है।

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