• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

दिल्ली विश्वविद्यालय में आरक्षित प्रतिनिधियों की अनिवार्यता खत्म करने पर रोष

Desk by Desk
08/08/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय, शिक्षा
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में चल रही शिक्षक नियुक्ति प्रकिया को लेकर आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए) ने डीयू प्रशासन पर आरक्षण नीति के विरुद्ध काम करने का आरोप लगाया है। डीटीए ने बयान जारी कर कहा कि डीयू ने हाल ही में शिक्षकों की सलेक्शन कमेटी (चयन समिति ) संबंधी अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि पद दस से कम होने पर एससी, एसटी, ओबीसी के प्रतिनिधि (ऑब्जर्वर ) की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। डीटीए ने अधिसूचना तुरंत वापस न लेने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी।

बीएड प्रवेश परीक्षा में फेस डिटेक्टर से पकड़े जाएंगे फर्जी परीक्षार्थी

डीटीए के प्रभारी प्रो. हंसराज सुमन के मुताबिक, यूजीसी ने वर्ष 2014 में देशभर के केंद्रीय, राज्य और मानद विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को निर्देश दिए थे कि सभी सलेक्शन बोर्ड में नियुक्तियों के  समय एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को बराबर का प्रतिनिधित्व दिया जाए। यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालयों को भेजे गए सर्कुलर में कहा गया है कि दस या उससे अधिक ग्रुप सी व ग्रुप डी के पदों पर नियुक्ति करने वाली कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी के प्रतिनिधत्व के अलावा एक सदस्य अल्पसंख्यक समुदाय से होना अनिवार्य है।

नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के जरिये लागू होगा नई शिक्षा नीति का कार्यरूप

सुमन ने मुताबिक, डीयू की अधिसूचना में कहा गया है कि चयन के लिए पदों की संख्या दस से कम है, इस कारण एससी, एसटी, ओबीसी अधिकारी और अल्पसंख्यक समिति के अधिकारी और एक महिला अधिकारी को चयन समिति में शामिल करने के लिए कोई प्रयास नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के किसी विभाग/कॉलेज में एक साथ किसी भी विषय में दस से अधिक पदों का विज्ञापन नहीं आता है। कॉलेजों में जहां 60 से 70 फीसदी पदों पर एडहॉक शिक्षक कार्य कर रहे हैं, उन विभागों में 5 या 6 पदों के ही विज्ञापन आए हैं। ऐसी स्थिति में जब चयन समिति दस से कम पदों के लिए बैठेगी और उसमें एससी, एसटी, ओबीसी का ऑब्जर्वर नहीं होगा तो नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं रहेगी और अधिकांश पदों को नॉट फाउंड सूटेबल किए जाने की संभावना है।

Tags: Delhi UniversityDUdu appointment processडीयूदिल्‍ली यूनिवर्सिटी
Previous Post

नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के जरिये लागू होगा नई शिक्षा नीति का कार्यरूप

Next Post

बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए जारी की गई कोरोना गाइडलाइन

Desk

Desk

Related Posts

CM Nayab Singh
Main Slider

भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना गया: मुख्यमंत्री नायब

08/03/2026
CM Vishnu Dev
राजनीति

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

08/03/2026
CM Vishnu Dev
Main Slider

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री

08/03/2026
CM Dhami
Main Slider

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: 38 वरिष्ठ महिलाओं को CM धामी ने किया सम्मानित, कहा— “पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति”

08/03/2026
Himalayan O2 Tehri Lake Festival organised
राजनीति

टिहरी लेक फेस्टिवल में पर्यावरण संरक्षण का संदेश, पहली बार ‘हिमालयन O2’ थीम के साथ होगा आयोजन

07/03/2026
Next Post
jee main 2020

बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए जारी की गई कोरोना गाइडलाइन

यह भी पढ़ें

विदिशा में कुआं हादसा: CM शिवराज ने सहायता राशि का किया ऐलान, राज्यपाल ने जताया शोक

16/07/2021
CM Yogi

विद्यालयों में सुविधाओं के साथ ही कार्यक्रमों की प्रगति परखेगी योगी सरकार

01/07/2023
shot

मातम में बदली बर्थडे पार्टी, 7वीं के छात्र की गोली लगने से मौत

03/03/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version